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लोकसभा स्पीकर ने कोटा से चुनाव जीता, 20 साल का रिकॉर्ड तोड़ने वाले ओम बिरला को फिर मिलेगी कुर्सी!

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कोटा:

राजस्थान की कोटा लोकसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी ओम बिरला तीसरी बार चुनाव में विजयी रहे। लोकसभा अध्यक्ष रहते फिर से चुनाव जीतने वाले सांसदों की सूची में दो दशक बाद ओम बिरला का नाम दर्ज हुआ है। बिरला मोदी-2 सरकार में लोकसभा स्पीकर रहे। पुरानी संसद से नई संसद तक बिरला स्पीकर की कुर्सी पर बैठे। बिरला ने यह चुनाव 41974 वोट से जीता है। साल 1999 के बाद कोई भी लोकसभा अध्यक्ष दोबारा चुनाव जीतकर लोकसभा सदन में नहीं पहुंचा था।

ओम बिराल से पहले पीए संगमा ही ऐसे स्पीकर थे जो स्पीकर रहते हुए लोकसभा चुनाव जीतने वाली सूची में शामिल हुए। लोकसभा के लिए फिर से निर्वाचित होने वाले स्पीकर की सूची में अंतिम नाम पीए संगमा का था। वो साल 1996 से 1998 तक 11वीं लोकसभा के पीठासीन अधिकारी थे। उस वक्त कांग्रेस के सदस्य रहे संगमा साल 1998 के लोकसभा चुनाव में मेघालय के तुरा से दोबारा निर्वाचित हुए थे।

1999 के बाद ये 5 सांसद स्पीकर बने लेकिन फिर चुनाव नहीं जीत पाए

जीएमसी बालयोगी : अक्टूबर 1999 में जब देश में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार बनी। तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के नेता जीएमसी बालयोगी को लोकसभा अध्यक्ष बनाया गया। 3 मार्च, 2002 को एक हेलिकॉप्टर हादसे में उनका निधन हो गया।

मनोहर जोशी: जीएमसी बालयोगी के निधन के बाद अटल वाजपेयी की सरकार में शिवसेना नेता मनोहर जोशी को लोकसभा स्पीकर चुना गया, लेकिन जब 2004 में लोकसभा सभा के चुनाव हुए तो, जोशी मुंबई नॉर्थ सेंट्रल से अपना चुनाव हार गए थे। इसके कारण भी वो संसद नहीं पहुंच पाए थे।

सोमनाथ चटर्जी: साल 2004 में यूपीए की सरकार बनी। इसमें डॉ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बने। इस बार सीपीएम के नेता सोमनाथ चटर्जी को लोकसभा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। लोकसभा अध्यक्ष का कार्यकाल खत्म होने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति को अलविदा कह दिया था।

मीरा कुमार: साल 2009 में मीरा कुमार लोकसभा स्पीकर बनीं लेकिन 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। संसद नहीं पहुंच सकी थीं।

सुमित्रा महाजन: साल 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को पूर्ण बहुमत मिला। मध्यप्रदेश की इंदौर लोकसभा सीट से लगातार 8 बार चुनाव जीतने वाली सुमित्रा महाजन को स्पीकर बनाया गया, लेकिन 2019 के चुनाव में बीजेपी ने उनका टिकट का दिया।

बिरला का कार्यकाल रहा सुर्खियों में
17वीं लोकसभा में ओम बिरला अध्यक्ष रहने के दौरान दिसंबर 2023 में लोकसभा से बड़ी संख्या में सांसदों को निलंबित किया गया था। इस वजह से बिरला का कार्यकाल सुर्खियों में रहा। साल 2023 में नई संसद का उद्घाटन हुआ और नए लोकसभा कक्ष में बिरला ने अध्यक्ष के रूप में लोकसभा की कार्यवाही का संचालन किया।

राजस्थान से जाखड़ भी थे स्पीकर
ओम बिरला राजस्थान मूल के पहले राजनेता हैं। इससे पहले बलराम जाखड़ 1980 से 1989 तक इस पद पर रहे, जो 1980 में पहले फिरोजपुर और बाद में 1984 में राजस्थान के सीकर से सांसद थे। राजनीतिक जानकारों के अनुसार बिरला छात्र जीवन से ही संघ से जुड़ गए। वह भारतीय जनता युवा मोर्चा से जुड़े रहे। जिला और राज्य स्तर पर उसकी अगुवाई की। बिरला ने 2003 में विधानसभा चुनाव में कोटा दक्षिण सीट पर कांग्रेस के शांति धारीवाल को हराकर सक्रिय राजनीति में कदम रखा। तीन बार विधायक रहे।

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