लखनऊ
चारबाग के होटल शरणजीत में पांच लोगों की हत्या के मामले में आरोपी पिता बदर की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें बना दी गई हैं। आरोपी अजमेर शरीफ की दरगाह अक्सर जाता है। इसलिए वहां की लोकल पुलिस से भी उसकी लोकेशन ट्रेस करने के लिए कहा गया है। वहीं, बेटे अरशद को जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अरशद के चेहरे पर पूछताछ के दौरान कोई खास शिकन नहीं दिख रही थी। वह बार-बार पुलिस से कह रहा था कि उससे मीडिया के सामने पूछताछ की जाए। वह मीडिया को कुछ बताना चाहता है। इसके अलावा वह सोशल मीडिया पर वायरल उसके वीडियो पर व्यूज और लाइक्स के बारे में भी जानकारी मांग रहा था।
डीसीपी सेंट्रल रवीना त्यागी ने बताया कि गुरुवार को पांचों शवों का पोस्टमॉर्टम किया गया। रिपोर्ट में सामने आया है कि अरशद ने पिता बदर के साथ मिलकर मां अस्मा और सबसे छोटी बहन आलिया की हत्या गला कसकर की थी। बहन अल्शिया (19), रहमीन (18), अक्सा (16) की मौत का कारण शॉक ऐंड हेमरेज (अधिक खून बहना) आया है।
पांचों का विसरा भी सुरक्षित
अल्शिया के दोनों हाथ की कलाई और गर्दन की नस काटी गई थी। रहमीन और अक्सा की दोनों हाथ की कलाई की नस काटी गई थी। दोनों के गले पर चोट के निशान हैं। डॉक्टरों ने पांचों का विसरा भी सुरक्षित रखा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हत्या के पहले उन्हें कौन सा नशीला या जहरीला पदार्थ दिया गया था। पांचों की स्लाइड भी तैयार की गई है।
मनोचिकित्सक को साथ रख सकती है पुलिस
पुलिस अधिकारियों ने अरशद से पूछताछ और आगरा पुलिस से मिली जानकारी के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है कि वह साइकोपैथ है। लिहाजा, पुलिस इस बारे में विचार कर रही है कि उसे जब रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाए तब मनोचिकित्सक को साथ रखा जाए। इसकी वजह यह है कि अरशद की मानसिक स्थिति को समझा जा सके।
