9.5 C
London
Monday, March 30, 2026
Homeराज्यलकड़ी से बना, हर साल मरम्मत में करोड़ों खर्च, कई लोगों की...

लकड़ी से बना, हर साल मरम्मत में करोड़ों खर्च, कई लोगों की जान लेने वाले 140 साल पुराने मोरबी पुल की कहानी

Published on

अहमदाबाद

गुजरात के मोरबी में हादसे का शिकार हुआ झूलता ब्रिज काफी पुराना है। आजादी से पहले 1887 के आसपास इस ब्रिज का निर्माण मोरबी के तत्कालीन राजा वाघजी रावाजी ठाकोर ने करवाया था। मच्छु नदी पर बना यह ब्रिज मोरबी के लोगों के एक प्रमुख टूरिस्ट स्पॉट था। मोरबी के शासकों के जमाने में बने इस पुल की खासियत यह थी कि जब इसका निर्माण किया गया था तो यूरोप में मौजूद सबसे आधुनिक तकनीक इसके निर्माण में इस्तेमाल की गई थी। इसके बाद अंग्रेजों के शासन काल में भी यह ब्रिज अच्छी इंजीनियरिंग का प्रतीक बना रहा। पिछले कई सालों से समय-समय पर इसकी मरम्मत की जा रही थी। दिवाली पर के पर्व खोले जाने से पहले यह पुल सात महीने तक मरम्मत के लिए बंद था। यही वजह है कि यह पुल खोला गया, तो बड़ी संख्या लोग सैर-सपाटे के इस ब्रिज पर पहुंचे और तभी यह हादसा हो गया। 1.25 मीटर चौड़ा यह ब्रिज दरबार गढ़ पैलेस और लखधीरजी इंजीनियरिंग कॉलेज को जोड़ता है। इसके मरम्मत पर 2 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे।

नए साल पर खुला था ब्रिज
राजकोट जिले से 64 किलोमीटर की दूरी पर मच्छु नदी पर बना यह पुल लोगों के आर्कषण का केंद्र था। इसीलिए इंजीनियरिंग कला और पुराने होने के कारण इस गुजरात टूरिज्य की सूची में किया गया था। इस ब्रिज को नए साल पर आम लोगों के लिए खोला गया था। इससे पहले यह ब्रिज सात महीने से बंद था, इसे ठीक किया जा रहा था। जब इसे खोला गया था तब कहा गया था कि विशेषज्ञों की मदद से इस ठीक कर लिया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पुल पर क्षमता से ज्यादा लोग मौजूद थे, इसीलिए यह हादसा हुआ। इस पुल की कुल लंबाई 765 फुट और चौड़ाई साढ़े चार फुट की है। जानकारी के अनुसार पुल के नवीनीकरण के लिए सरकारी टेंडर ओधवजी पटेल के स्वामित्व वाले ओरेवा ग्रुप को दिया गया था। इसी ग्रुप को अगले 15 साल तक इस ब्रिज की देखरेख करनी थी, लेकिन खुलने के पांचवें दिन ही यह ऐतिहासिक पुल नदी में गिर गया।

Latest articles

प्रशिक्षण से व्यक्तित्व का उत्कर्ष, राष्ट्र निर्माण की आधारशिला : राज्यमंत्री श्रीमती गौर

प्रशिक्षण अभियान सशक्त भारत के निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी है: प्रदेश अध्यक्ष श्री खंडेलवाल भोपाल:...

भोपाल में सूखे कचरे से बनेगा कोयला, आदमपुर छावनी में 220 करोड़ का चारकोल प्लांट शुरू

भोपाल राजधानी में अब सूखे कचरे से कोयला तैयार किया जाएगा। इसके लिए आदमपुर छावनी...

भंडारा खाकर लौट रहे युवक को बस ने कुचला, मौके पर मौत

भोपाल राजधानी के एमपी नगर इलाके में शुक्रवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। गायत्री...

एम्स भोपाल में जल्द शुरू होगी लंग ट्रांसप्लांट सुविधा, मरीजों को दूसरे शहर नहीं जाना पड़ेगा

भोपाल एम्स भोपाल में जल्द ही फेफड़ा प्रत्यारोपण (लंग ट्रांसप्लांट) की सुविधा शुरू होने जा...

More like this

राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026 जारी, निवेश और रोजगार को मिलेगी नई दिशा

जयपुर। भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ‘‘राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026’’ जारी कर तकनीकी...

बीएचईएल हरिद्वार नाम किया रोशन,‘शौर्य’ गुणता चक्र को राष्ट्रीय स्तर पर मिला प्रथम स्थान

हरिद्वारभारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) हरिद्वार की हीप इकाई के अंतर्गत न्यू ब्लेड शॉप...

हर घर जल’ की दिशा में राजस्थान का ऐतिहासिक कदम, JJM 2.0 में एमओयू करने वाला देश का पहला राज्य बना

जयपुर । प्रदेश ने ‘हर घर जल’ के लक्ष्य को नई गति देते हुए एक...