बीजापुर
छत्तीसगढ़ के अति नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में शनिवार को बीजापुर से सिलगेर जाने वाली यात्री बस को माओवादियों ने दिनदहाड़े रोक कर उसमें रखा सामान लूट लिया है। लूटे गए सामान सीआरपीएफ जवानों के थे, जिन्हें कैंप में छोड़ने की जिम्मेदारी बस के चालक को दी गई थी। बोरियों में आलू, प्याज, पनीर सहित खाद्य सामग्री थे। बीजापुर एसपी अंजनेय वैष्णव ने कहा कि माओवादियों द्वारा बस रोककर सामान उतारने की जानकारी मिली है। यह सामान जवानों का था या नहीं इस पर जांच की जा रही है। माओवादियों की मौजूदगी को देखते हुए सर्चिंग बढ़ा दी गई है।
दरअसल, बीजापुर सुकमा जिले के सीमा क्षेत्र में सिलगेर तक बीजापुर जिला प्रशासन ने ग्रामीणों को लाभ पहुंचाने एक यात्री बस का संचालन शुरू किया है। इस बस में ग्रामीणों के साथ-साथ कभी कभी जवान भी सफर करते हैं। समय-समय पर बीजापुर से सिलगेर तक स्थापित किये गए कैंपों के जवानों के लिए खाद्य सामग्री भी इन्ही बसों के द्वारा भेजी जाती है। सूत्रों के अनुसार शनिवार को बस में सीआरपीएफ के जवानों के लिए खाद्य सामग्री भेजी जा रही थी, जिसकी जानकारी माओवादियों को मिल गई थी। नक्सलियों ने दिनदहाड़े यात्री बस को रोककर उसमें रखा सामान उतार लिया। बस जंगल में घंटेभर तक खड़ी रही। नक्सलियों द्वारा बस को रोके जाने से यात्री भी डर गए।
नक्सलियों ने ड्राइवर को चेतावनी देकर छोड़ा
बस में सवार एक यात्री ने अपनी पहचान उजागर न करने की शर्त पर बताया कि सरकेगुड़ा कैंप से लगभग एक किलोमीटर पहले ही दर्जनभर की संख्या में सशस्त्र माओवादियों ने बस को रोका। उनमें कुछ वर्दीधारी माओवादी भी मौजूद थे। बस को रोक कर तलाशी ली गई। बस में रखे सामानों को माओवादियों ने उतार लिया। माओवादियों ने बस चालक को चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में सीआरपीएफ के जवानों का कोई भी सामान अपनी बसों में न लाएं। यात्री के अनुसार जो सामान बस से उतारा गया वह किसी ग्रामीण का नहीं था। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि सभी सामान जवानों का था।
