रायपुर।
कुछ दिनों में प्रदेश में नए शैक्षणिक सत्र की शुरूआत होने वाली है। शिक्षा नीति के तहत कुछ नियमों में बदलाव और संसोधन किया गया है। नई शिक्षा नीति के तहत बच्चों को विशेष पाठ्यक्रम पढ़ाने की तैयारी की जा रही है। पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. शैलेंद्र पटेल ने जानकारी देते हुए बताया है कि नए सिलेबस में भारतीय ज्ञान परंपरा को शामिल किया गया है। यह सिलेबस प्राचीन भारतीय संस्कृति एवं परंपरा के छात्रों को दी जाएगी जिसके तहत परीक्षा सेमेस्टर परीक्षा पद्धति के अनुसार होगी। क्रेडिट स्कोर के माध्यम से परीक्षार्थियों का परिणाम जारी किया जाएगा जिससे कोई भी छात्र फेल नहीं होगा। बैक पेपर दूसरे सेमेस्टर में शामिल होकर क्लियर करना होगा।
शुरू किए ये पांच नए कोर्स
इसके साथ ही पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में पांच नए कोर्स होटल मैनेजमेंट, मास्टर ऑफ़ कॉमर्स, मास्टर ऑफ़ फोरेंसिक साइंस, एमएस, हिंदी शुरू होंगे। विश्वविद्यालय खुलने के 59 वर्षों बाद कामर्स की पढ़ाई विश्वविद्यालय में शुरू होगी। इन सभी कोर्स के लिए जल्द प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती की जाएगी। इसके लिए जुलाई में नोटिफिकेशन जारी होंगे। शुरुआत में बीएबीएड, बीएससी बीएड, बीकाम बीएड में 50 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा।
12वीं के बाद चार वर्षीय बीएड की हो सकेगी पढ़ाई
पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय द्वारा छात्र छात्राओं को बड़ी खुशखबरी दी है जिसके तहत अब 12वीं के बाद सीधे चार वर्षीय बीएड की पढ़ाई कर सकेंगे। कालेज में छात्र बीएबीएड, बीएससी बीएड, बीकाम, बीएड की पढ़ाई कर सकेंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत शिक्षक बनने के लिए सिर्फ चार वर्षीय बीएड ही मान्य किए जाएंगे। नेशनल काउंसिल फार टीचर एजुकेशन की अनुमति से यह कोर्स शुरू किया गया है। देशभर के छात्रों को मेरिट लिस्ट के आधार पर सीट आवंटित होगी।
