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तेजस्वी के ‘S एंड M’ फैक्टर एक्टिव करने से तनाव में नीतीश और BJP, सहयोगी होते हुए भी ताकती रह गई कांग्रेस

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पटना

लालू यादव के लिए हमेशा से सीमांचल एक राजनीतिक प्रयोगशाला रहा है। लालू यादव अपनी सक्रिय राजनीति के दौरान सीमांचल को साधने के सभी गुणा- गणित पर विचार करते रहे हैं। लालू यादव को पता है कि सीमांचल की सीटों से होते हुए बिहार की सत्ता का रास्ता तय करना आसान हो जाता है। इसी क्रम में अब बिहार विधानसभा चुनाव से पहले तेजस्वी यादव सीमांचल को साधने में जुट गए हैं। सीमांचल को साधने वाला सीधे मुस्लिम वोटरों को साध लेता है। जानकारों के मुताबिक तेजस्वी के इस कदम से बिहार एनडीए में टेंशन का माहौल है।

गरीबी पर बोले तेजस्वी
सबसे पहले जान लेते हैं कि तेजस्वी यादव ने सीमांचल को लेकर कहा क्या? तेजस्वी यादव ने कहा कि सीमांचल की हालत बहुत खराब है। यह पूरा इलाका पिछड़ा हुआ है, खासकर गरीबी और पलायन इस क्षेत्र की बड़ी समस्या है। तेजस्वी यादव शनिवार को अपने कार्यकर्ता दर्शन सह संवाद यात्रा के क्रम में कटिहार पहुंचे। वहां उन्होंने शराबबंदी को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि हम लोग चाहते हैं कि नशा मुक्त बिहार हो, लेकिन अगर कानून बना है तो उसमें संशोधन भी होना चाहिए।

शराबबंदी कानून पर बोले
तेजस्वी ने कहा कि बिहार में शराबबंदी कानून लागू है। इसके बाद भी शराब की होम डिलीवरी हो रही है। हम लोग चाहते हैं कि इस मामले में सभी लोगों को बुलाकर बैठक की जाए। सभी पार्टियों को बुलाया जाए और बैठक कराई जाए। इस मामले में चर्चा होनी चाहिए। सभी लोगों की राय के अनुसार इसमें परिवर्तन करना चाहिए। बिहार में महागठबंधन की सरकार बनने के बाद महिलाओं को 2,500 रुपये प्रतिमाह देने का वादा करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि इससे महिलाओं को समृद्ध बनाया जाएगा।

तेजस्वी का एस फैक्टर
उन्होंने आगे कहा कि आज महंगाई के कारण महिलाएं परेशान हैं। वह घर का खर्चा भी ठीक से नहीं चला पा रही हैं। उन्होंने इस क्रम में स्मार्ट मीटर को लेकर भी सरकार पर सियासी हमला बोला। राजद नेता ने कहा कि आज बिहार में बिजली सबसे महंगी मिल रही है। स्मार्ट मीटर से लोग परेशान हैं। अनाप-शनाप बिल आ रहा है। हमारी सरकार 200 यूनिट मुफ्त बिजली देगी। सीएम नीतीश पर हमला बोलते हुए कहा कि कल (शुक्रवार को) बिजनेस मीट था। वहां से भी मुख्यमंत्री गायब थे, मुख्यमंत्री एक शब्द नहीं बोल रहे हैं। पहली बार हुआ कि सदन का सत्र चला और मुख्यमंत्री एक शब्द नहीं बोले।

सीमांचल का समीकरण
जानकार मानते हैं की तेजस्वी इन दिनों खास एस यानी सीमांचल और एम यानी मुस्लिम मतदाता फैक्टर पर काम कर रहे हैं। राजनीतिक पंडित मानते हैं कि सीमांचल में विधानसभा की 24 सीटें हैं। करीब 60 लाख वोट वाले इस इलाके में ज्यादातर सीटों पर मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। वहीं बीजेपी को इस क्षेत्र में अपने कोर वोटरों (ब्राह्मण, बनिया, ओबीसी) पर भरोसा रहता है। हालांकि, इस बार नीतीश कुमार एनडीए के साथ हैं, इसलिए कुछ हद तक बीजेपी के कोर वोटर एनडीए के साथ रह सकते हैं, लेकिन मुस्लिम वोटर पूरी तरह आरजेडी और ओवैसी के पाले में रह सकते हैं।

सीमांचल की सियासत
सीमांचल को साधने के लिए पूर्व में अमित शाह की पूर्णिया में रैली हुई थी। उस दौरान नीतीश कुमार महागठबंधन के साथ थे। बीजेपी पूरी तरह सक्रिय हो गई थी। 2020 के विधानसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन को सीमांचल की 24 विधानसभा सीटों में से 12 सीटों पर जीत मिली थी और महागठबंधन को 2015 के चुनाव के मुकाबले 11 सीटों का नुकसान हुआ था। जानकारों की मानें, तो लालू यादव ने तेजस्वी को 2020 वाले रिजल्ट का हवाला देते हुए एक्टिव कर दिया है। सूत्रों की मानें, तो ओवैसी के एक्टिव होने से पहले ही तेजस्वी यादव ने अपने मोहरे सीमांचल में बैठाने शुरू कर दिए हैं।

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