नोएडा
गौतमबुद्धनगर जिले के दनकौर में पुलिस भी उस समय असमंजस में नजर आई जब एक 10 वर्षीय बच्चा बिलखते हुए दादी के साथ कोतवाली पहुंचा। बच्चे ने रोते हुए गुहार लगाई कि पुलिस अंकल, मेरी मम्मी मुझे स्कूल नहीं जाने देतीं। बहुत मारती हैं और सारा दिन काम कराती हैं। अंकल, मेरी मम्मी को पकड़ लीजिए, वह मेरी दादी के साथ भी मारपीट करती हैं। मुझे पढ़ना है और बड़ा अफसर बनना है। यह देखकर पुलिस भी स्तब्ध रह गई। इसके बाद बच्चे को चुप कराया और कहा कि अब आपको मम्मी नहीं मारेगी और स्कूल भेजेगी। हालांकि पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है। पुलिस के अनुसार महिला को सुबह थाने पर बुलाया गया है। अगर वह नहीं पहुंचती है तो थाने से महिला पुलिसकर्मियों को भेजा जाएगा।
दनकौर कस्बा निवासी 10 वर्षीय एक बच्चा शुक्रवार की शाम रोते हुए दनकौर कोतवाली पहुंचा। साथ उसकी बुजुर्ग दादी भी थी। बच्चे ने रोते हुए वहां दरोगा से कहा कि वह कक्षा 6 का छात्र है। वह पढ़ लिखकर पुलिस अफसर बनना चाहता है, लेकिन उसकी मम्मी उससे घर का काम कराती है। साथ ही उसको किसी दुकान पर काम करके रुपये लाने का भी दबाव बनाती है। जब दादी उसका साथ देती हैं तो दोनों के साथ उसकी मम्मी मारपीट करती है। शुक्रवार शाम को भी उनके मारपीट की गई।
बच्चे का कहना था कि डर के कारण उसके पापा भी मम्मी के सामने नहीं बोलते हैं। बच्चे ने रोते हुए बताया कि वह 3 भाई हैं और सबसे बड़ा वही है। वह दनकौर के सरकारी विद्यालय में पढ़ता है। बच्चे की दादी का कहना है कि पोता पढ़ने में होशियार है। वह भी बच्चे को पढ़ाना चाहती हैं, लेकिन बहू बच्चों के सपनों को दबाने में लगी हैं। दोनों ने पुलिस से कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
पुलिस ने बच्चे को शांत कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पुलिस के अनुसार, महिला को सुबह थाने बुलाया है। दनकौर कोतवाली प्रभारी राधारमण सिंह का कहना है कि शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर कार्रवाई करेगी।
