पटना
बिहार के गोपालगंज में बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की हनुमंत कथा के दौरान फिर से हिंदू राष्ट्र की मांग उठी है। इससे बिहार की राजनीति गरमा गई है। आरजेडी ने शास्त्री पर वोटबैंक की राजनीति का आरोप लगाया। बीजेपी ने आरजेडी पर पलटवार किया। इस खबर में धीरेंद्र शास्त्री के बयान, राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और इससे जुड़ा विवाद शामिल है।
किसी पार्टी का प्रचार नहीं, हिन्दू धर्म का विचारक हूं-बाबा
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने गोपालगंज में अपनी हनुमंत कथा के दौरान हिंदू राष्ट्र की मांग की। उन्होंने कहा कि हिंदू राष्ट्र की आवाज सबसे पहले बिहार से उठेगी। शास्त्री ने स्पष्ट किया कि वे किसी पार्टी के प्रचारक नहीं, बल्कि हिंदू धर्म के विचारक हैं। इस बयान के बाद राजनीतिक दलों में तू-तू मैं-मैं शुरू हो गई।
आरजेडी ने वोटबैंक की राजनीति करने का लगाया आरोप
आरजेडी ने पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर निशाना साधा। आरजेडी विधायक प्रेम शंकर प्रसाद ने कहा कि चुनाव के पहले कुछ लोग ऐसे कार्यक्रमों से फायदा उठाना चाहते हैं। लेकिन अयोध्या का नतीजा सबने देखा है। अब इसका कोई फायदा नहीं होगा। दूसरे आरजेडी विधायक डॉ. मुकेश रौशन ने शास्त्री पर धार्मिक उन्माद फैलाने और वोट बैंक की राजनीति का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आरजेडी एकता और भाईचारे के पक्ष में है। लेकिन ऐसे बाबा जातीय उन्माद फैलाते हैं। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के समय भी वो आए थे। अब विधानसभा चुनाव के पहले फिर आ गए हैं।
बीजेपी ने आरजेडी नेताओं पर साधा निशाना
बीजेपी ने आरजेडी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। बीजेपी विधायक हरिभूषण बचौल ने आरजेडी पर तुष्टिकरण का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आरजेडी मुस्लिम वोट के लिए कुछ भी कर सकती है। उन्होंने हिंदू राष्ट्र की मांग का समर्थन किया। बीजेपी के वरिष्ठ नेता मनोज तिवारी ने कहा कि बाबा बागेश्वर सनातन धर्म का प्रचार करते हैं। अगर किसी को लगता है कि वो बीजेपी का प्रचार कर रहे हैं, तो उनकी बुद्धि पर क्या कहा जा सकता है।
इस घटना ने बिहार की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक तरफ आरजेडी है, जो धीरेंद्र शास्त्री पर वोट बैंक की राजनीति का आरोप लगा रही है। दूसरी तरफ बीजेपी है, जो आरजेडी पर तुष्टिकरण का आरोप लगा रही है। देखना होगा कि इस मुद्दे पर आगे क्या होता है। क्या यह विवाद चुनाव तक छाया रहेगा? यह समय ही बताएगा। लेकिन इतना तो तय है कि इस घटना ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।
