नई दिल्ली,
लोकसभा चुनाव के नतीजे आने शुरू हो गए हैं और इनमें एनडीए की सरकार बनने के साफ संकेत हैं. हालांकि बीजेपी अकेले अपने दम पर बहुमत का आंकड़ा छूती नजर नहीं आ रही है. वहीं कांग्रेस के प्रदर्शन में काफी सुधार देखने को मिला है और पार्टी 100 के करीब सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. हिंसा की आग में जले मणिपुर की दोनों ही सीटों पर कांग्रेस आगे चल रही है. यहां बीजेपी और एनपीएफ अपनी सीट गंवाती नजर आ रही है.
दोनों सीटों पर कांग्रेस आगे
इनर मणिपुर सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी अंगोमचा बिमोल ने बीजेपी प्रत्याशी पर 10 हजार से ज्यादा वोटों की बढ़त बना ली है. वहीं बाहरी मणिपुर संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस ने एनडीए के सहयोगी दल नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) उम्मीदवार पर बढ़त हासिल कर ली है. इस सीट पर बीजेपी ने अपना प्रत्याशी नहीं उतारा था. पिछली बार के नतीजों की बात करें तो 2019 में इनर मणिपुर की सीट बीजेपी ने जीती थी जबकि बाहरी मणिपुर में एनपीएफ प्रत्याशी को जीत मिली थी.
मणिपुर में बंपर वोटिंग
बाहरी मणिपुर सीट के 6 पोलिंग बूथ पर हिंसा के बाद फिर से मतदान हुआ था और सीट पर कुल 80 फीसदी से ज्यादा वोट पड़े थे. इसी तरह दोनों सीटों को मिलाकर मणिपुर में 70 फीसदी से ज्यादा वोटर टर्नआउट रिकॉर्ड किया गया था.
बीते एक साल से मणिपुर हिंसा की आग में जल रहा है और वहां वोटिंग के दौरान भी हिंसक झड़प देखने को मिली थी. चुनाव आयोग ने राज्य में वोटिंग के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी किए थे. मणिपुर में भड़की हिंसा में करीब 200 लोग जान गंवा चुके हैं और इसे रोकने में असफल रहने की वजह से लोगों के बीच राज्य की बीजेपी सरकार के प्रति गहरा रोष था जो कि चुनावी नतीजों में भी दिख रहा है. विपक्षी में मणिपुर हिंसा को पूरे चुनाव में मुद्दा बनाता रहा है यहां तक कि राहुल गांधी ने अपनी न्याय यात्रा की शुरुआत भी मणिपुर से ही की थी
