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गणतंत्र दिवसः झारखंड की झांकी में रतन टाटा को श्रद्धांजलि, संस्कृति और परंपरा के साथ दिखेगी जीवन यात्रा की झलक

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रांची

इस वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर होने वाले परेड में झारखंड की पेश की जाने वाली झांकी में दिवंगत उद्योगपति रतन टाटा की जीवन यात्रा की झलक दिखेगी। इस झांकी में झारखंड की कला-संस्कृति और नारी सशक्तीकरण के विविध आयाम भी प्रदर्शित होंगे। झांकी के प्रारूप को केंद्र की मंजूरी मिल गई है।

गणतंत्र दिवस पर आयोजित होने वाले परेड के लिए झारखंड समेत 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियों का चयन किया गया है। गणतंत्र दिवस पर होने वाले राष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए झारखंड ने भी पूरी तैयारी कर ली है। इस वर्ष झारखंड की झांकी में रतन टाटा को श्रद्धांजलि के साथ झारखंड की धनी संस्कृति यहां की पारंपरिक नृत्य, शिक्षा में नारीशक्ति के बढ़ते कदम को झांकी में प्रदर्शित की जाएगी।

23 जनवरी को फुल ड्रेस रिहर्सल
झारखंड सरकार के जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक अभय कुमार ने बताया कि झांकी को लेकर आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। राज्य सरकार की ओर से भेजे गए प्रारूप को चयन समिति ने सराहा है। इसका निर्माण कार्य 19 जनवरी तक पूरा कर लिया जाएगा। 23 जनवरी को फुल ड्रेस रिहर्सल का कार्यक्रम निर्धारित है।

झारखंड की झांकी के प्रारूप की सराहना
केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से झांकियों का प्रारूप मांगा था। विभिन्न चरणों की चयन प्रक्रिया के उपरांत केवल 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकी का दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रदर्शन के लिए चयन हुआ। झारखंड की झांकी के प्रारूप को चयन प्रक्रिया में पदाधिकारियों की ओर सराहा गया।

झारखंड की झांकी लगातार तीसरे वर्ष राजपथ पर परेड में शामिल
यह लगातार तीसरा वर्ष है, जब झारखंड की झांकी को राजपथ पर होने वाले परेड में शामिल किया गया है। झांकी में रतन टाटा की जीवन यात्रा एक एलईडी स्क्रीन पर दिखाई जाएगी। उनकी एक प्रतिमा भी होगी और इसके साथ झारखंड के टाटा नगर के औद्योगिक इकाइयों का विहंगम प्रारूप दिखेगा। झांकी के अगले हिस्से में झारखंड के प्राकृतिक सौंदर्य के बीच पढ़ाई करती बच्चियां दिखेंगी। इसके अलावा झांकी के चारों तरफ राज्य की सोहराई और कोहबर पेंटिंग की कृतियां दिखाई जाएंगी।

सोहराई पेंटिंग को जीआई टैग हासिल
सोहराई पेंटिंग झारखंड का एकमात्र सांस्कृतिक उत्पाद है, जिसे जीआई टैग हासिल है। झांकी के साथ राज्य के कलाकारों का दल होगा, जो यहां की पारंपरिक नृत्य कला का प्रदर्शन करेगा। 2024 में दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड के अवसर पर झारखंड में तसर सिल्क पर आधारित झांकी प्रदर्शित की गई थी।

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