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Wednesday, March 11, 2026
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रिटायर्ड बुज़ुर्ग को सात दिन तक किया डिजिटल अरेस्ट, गिरफ्तारी का डर दिखाकर ठगे 19.50 लाख रुपये

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लखनऊ

लखनऊ में साइबर जालसाजों ने पंचायती राज से रिटायर बुजुर्ग को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर मनी लॉन्ड्रिंग केस का आरोपित बताया और उन्हें सात दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर कई मदों में 19.50 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। जालसाजों की डिमांड बढ़ने पर बुज़ुर्ग ने परिवारीजनों को बताया। इसके बाद उन लोगों ने साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई।

ठाकुरगंज के कूचा सतगुरु सहाय निवासी कमला कांत मिश्र 30 नवंबर 2023 को पंचायती राज विभाग से रिटायर हुए थे। कमला कांत के मुताबिक 6 नवंबर 2024 को उनके पास एक अनजान नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए कहा कि आपके आधार से केनरा बैंक में एक अकाउंट खुला है, जिसमें नरेश गोयल ने मनी लॉन्ड्रिंग के रुपये डाले हैं।

बुजुर्ग ने केनरा बैंक में कोई खाता न होने की बात कही, जिस पर उसने अन्य खातों की जानकारी ले ली और सीनियर से बात करवाने की बात कही। उसने किसी और को फोन ट्रांसफर कर दिया। फोन पर बात करने वाले ने खुद को अंधेरी ईस्ट थाने से होने की बात कहते हुए ऐसी जांच में पहचान नहीं बताने की बात कही और कॉल काट दी।

कुछ ही देर बाद कॉल आई और दूसरी ओर से बात करने वाले ने कमला कांत की पूरी डिटेल बताते हुए कहा कि आपके नाम से गिरफ्तारी वॉरंट जारी होने जा रहा है। अगर आप जेल जाने से बचना चाहते हैं, तो मेरे सभी सवालों और निर्देशों का पालन करते रहें। साथ ही किसी को जांच के विषय में न बताएं। उसने कुछ देर तक उनसे बातचीत की, फिर फोन काट दिया।

दो वॉइस कॉल के बाद आई विडियो कॉल
कुछ देर बाद उनके पास वॉट्सऐप पर विडियो कॉल आई। कॉल करने वाले ने अपना नाम राजेश बताया। उसने जेल जाने का डर दिखाते हुए कमला कांत से सभी बैंक अकाउंट की पूरी जानकारी ले ली। साथ ही कहा कि अगर आप गिरफ्तारी से बचना चाहते है तो अपने सभी खातों के रुपये आरटीजीएस करवा दो। बेगुनाह साबित होने पर पूरे रुपये वापस कर दिए जाएंगे।

पीड़ित ने बताया कि झांसे में आकर उन्होंने अपने एसबीआई के खाते से उसके बताए बंधन बैंक के खाते में 17.50 लाख रुपये आरटीजीएस कर दिए। पीड़ित ने बताया कि आरोपी उसे रात में फिर से विडियो कॉल की और अपना नाम संदीप बताते हुए 95 हजार रुपये ले लिए। जालसाजों ने उन्हें सात दिनों तक डिजिटल अरेस्ट कर कई मदों में कुल 19.50 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। आरोपियों की डिमांड बढ़ने के बाद पीड़ित ने परिवारीजनों को इसकी जानकारी दी, तब जाकर उन्हें ठगी होने का अहसास हुआ। साइबर क्राइम थाना प्रभारी ब्रजेश यादव ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।

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