पटना। सम्राट चौधरी बिहार 24वें मुख्यमंत्री बन गए हैं। उन्होंने ईश्वर के नाम पर शपथ ली। राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने लोकभवन में सुबह 11 बजे उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। बिहार की नई सरकार में जदयू से विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव ने भी शपथ ली। दोनों को डिप्टी CM बनाया गया है। नीतीश कुमार इस कार्यक्रम में मौजूद थे। बिहार में अभी मंत्रिमंडल का ऐलान नहीं किया गया है।
शपथ से पहले हनुमान मंदिर पहुंचे सम्राट
सम्राट चौधरी ने सुबह पंचमुखी हनुमान मंदिर में पूजा की थी। शपथ से पहले ही उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। सरकार में बदलाव सोमवार को नीतीश कुमार के इस्तीफा देने के बाद हुआ। वे अब राज्यसभा सदस्य हैं। वे 20 साल बिहार के CM रहे।
BJP का 46 साल का संघर्ष, पहली बार सीएम
इससे पहले नीतीश कुमार ने अपना इस्तीफा सौंपा। महज 9 साल पहले बीजेपी में शामिल हुए सम्राट चौधरी बेहद मुखर और आक्रामक नेता माने जाने जाते हैं। 26 साल पहले विधायक चुने गए, 2024 में डिप्टी सीएम बने और 2025 में बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद फिर डिप्टी सीएम की शपथ ली। अब उनके पास सीएम के तौर पर पूरे बिहार का शासन चलाने के साथ पार्टी और NDA गठबंधन को साथ रखने की भी चुनौती होगी। वहीं, बिहार की राजनीति में पहले जनसंघ और फिर बीजेपी हमेशा सक्रिय रही। बीजेपी पहले भी दो बार बड़ी पार्टी बनी लेकिन सीएम हमेशा नीतीश कुमार ही बने। ये पहला मौका है जब बीजेपी के पास सीटें भी ज्यादा हैं और सम्राट चौधरी के तौर पर उन्हें सीएम भी अपना मिला है।

बिहार के नए ‘सम्राट’ का सफरनामा
- RJD के साथ सियासी करियर की शुरुआत
- 1999 में राबड़ी सरकार में मंत्री बने
- 2000 में पहली बार परबत्ता से बने विधायक
- 2013 में RJD से बगावत, JDU में एंट्री
- 2 जून 2014 में मांझी सरकार में मंत्री बने
- मांझी को हटाने पर बगावत, JDU से सस्पेंड
- 2017 में BJP में शामिल 2023 में बिहार BJP अध्यक्ष
- 2021 में नीतीश कैबिनेट में बने मंत्री
- 2024 में नीतीश सरकार में डिप्टी सीएम का जिम्मा
- तारापुर से जीता 2025 विधानसभा का चुनाव
- 2025 में दूसरी बार डिप्टी सीएम बने
- 15 अप्रैल 2026 को सीएम पद की शपथ
भरोसेमंद चेहरों को नियुक्त किया गया उपमुख्यमंत्री
उन्होंने 2005 के बाद से बिहार में बनी हर सरकार में मंत्री के तौर पर काम किया है। 2024 में JD(U) के NDA में वापस लौटने के बाद, विजेंद्र यादव बाद में बनी सरकार में मंत्रियों के बीच एक अहम चेहरा बने रहे। इसके बाद, जब 2025 में नई सरकार बनी, तब भी उनके पास मंत्री पद बना रहा। अब, बिहार में सत्ता में एक और बदलाव के बीच, उन्हें एक बार फिर उपमुख्यमंत्री पद की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। यह उनके व्यापक राजनीतिक अनुभव और पार्टी संगठन के प्रति उनकी अटूट निष्ठा का ही प्रमाण है कि वे लगातार सत्ता के केंद्र में बने रहे हैं।
