चंडीगढ़/दिल्ली। पंजाब की राजनीति में बुधवार को उस समय बड़ा मोड़ आ गया जब सिख विरोधी दंगा पीड़ितों के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता और आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व नेता एचएस फूलका भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने उन्हें पार्टी का पटका पहनाकर सदस्यता दिलाई। इस मौके पर पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ और कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा भी मौजूद रहे।
आप पर साधा निशाना: ‘दिखाने के दांत और, खाने के और’
भाजपा में शामिल होते ही फूलका ने अपनी पुरानी पार्टी ‘आप’ पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के ‘दिखाने के दांत और, खाने के दांत और’ हैं। फूलका ने कहा, “मैं अन्ना आंदोलन के समय बड़ी उम्मीदों के साथ पार्टी से जुड़ा था, लेकिन बाद में नीतियों से निराश होकर अलग हो गया।” उन्होंने पंजाब की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि राज्य में गैंगस्टरवाद, फिरौती और भ्रष्टाचार चरम पर है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में पंजाब में भाजपा की सरकार बनाने के लिए वे पूरा जोर लगाएंगे।
सीएम भगवंत मान की प्रतिक्रिया: ‘आज तक ऐसे व्यक्ति को दोबारा जीतते नहीं देखा’
फूलका के इस कदम पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सधी हुई लेकिन तंज भरी प्रतिक्रिया दी। मान ने उन्हें अपना ‘पुराना साथी’ बताते हुए ‘गुडलक’ कहा, लेकिन साथ ही निशाना साधते हुए जोड़ा— “मैंने आज तक ऐसे व्यक्ति को दोबारा जीतते हुए नहीं देखा (जो बार-बार पाला बदले)। उन्हें उनकी नई पारी के लिए मुबारकबाद।”
सिख दंगा पीड़ितों की आवाज रहे हैं फूलका
एचएस फूलका की पहचान देश के उन चुनिंदा वकीलों में होती है जिन्होंने 1984 के सिख विरोधी दंगा पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए दशकों तक कानूनी लड़ाई लड़ी है। उनका भाजपा में जाना पंजाब में पार्टी के सिख चेहरे और कानूनी पैठ को मजबूत करने के तौर पर देखा जा रहा है। भाजपा नेताओं का मानना है कि फूलका के आने से पार्टी को पंजाब के शहरी और सिख मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ बनाने में मदद मिलेगी।
