14.2 C
London
Tuesday, April 28, 2026
Homeराज्य'हिंदुत्व को आगे ले जा रहे शिंदे', CM से मिलकर बोले उद्धव...

‘हिंदुत्व को आगे ले जा रहे शिंदे’, CM से मिलकर बोले उद्धव ठाकरे के भतीजे

Published on

नई दिल्ली,

महाराष्ट्र की सियासत में उद्धव ठाकरे के सामने चुनौतियों का अंबार खड़ा है. सत्ता गंवाने के बाद पार्टी बचाना उनके सामने नई चुनौती है. उस चुनौती से निपटने के लिए उन्हें अपनों के सहारे की जरूरत है. लेकिन इस समय वो साथ भी उन्हें पूरा नहीं मिल रहा है. इसी कड़ी में अब उद्धव ठाकरे के भतीजे निहार ठाकरे ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का समर्थन कर दिया है. बाकायदा उनसे मुलाकात की गई है और समर्थन का वादा हुआ है. निहार ठाकरे को लेकर ये जानना जरूरी हो जाता है कि वे बिंदू माधव ठाकरे के बेटे हैं. बिंदू शिवसेना संस्थापक बाला साहेब ठाकरे के दूसरे बेटे थे. साल 1996 में सड़क दुर्घटना में बिंदू माधव ठाकरे का निधन हो गया था.

वहीं पिछले साल निहार ठाकरे ने बीजेपी नेता हर्षवर्धन पाटिल की बेटी अंकिता से शादी की है, ऐसे में उनका पार्टी से एक पारिवारिक नाता जुड़ गया था. अब निहार ठाकरे ने सीएम एकनाथ शिंदे से एक शिष्टाचार भेंट की है. उनका खुलकर समर्थन किया है. इस पर उद्धव या आदित्य ठाकरे की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

हालांकि, निहार ने शिंदे से मिलकर कहा है कि मैं एक वकील हूं और इस नाते अगर मैं सीएम साहब की कोई लीगल मदद कर सकूंगा तो ये मेरे लिए खुशी की बात होगी. साथ ही निहार ने हिंदुत्व को लेकर कहा, ”ये कहने के बजाय कि उद्धव ठाकरे हिंदुत्व को आगे नहीं ले जा रहे थे, मैं ये कहूंगा कि एकनाथ शिंदे हिंदुत्व को आगे ले जा रहे हैं.”इसके अलावा निहार ने ये भी स्पष्ट किया कि वो राजनीति में नहीं जा रहे हैं, वो वकील हैं और इसी फील्ड में अपना काम जारी रखेंगे.

शिंदे के लिए क्या मायने?
लेकिन ये समर्थन एकनाथ शिंदे के आत्मविश्वास को और ज्यादा बढ़ा सकता है. इस समय सत्ता परिवर्तन के बाद दूसरी चुनौती शिवसेना पर राजनीतिक हक को लेकर है. शिंदे दावा जरूर कर रहे हैं कि वहीं असल शिवसेना हैं, लेकिन ये मामला चुनाव आयोग के पास जा चुका है. सुप्रीम कोर्ट में भी शिंदे गुट के विधायकों की अयोग्यता को लेकर एक याचिका पर सुनवाई होना बाकी है. ऐसे में सत्ता परिवर्तन के बाद भी महाराष्ट्र की सियासत में और शिवसेना के राजनीतिक भविष्य में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं.

कैसा होगा शिंदे सरकार का मंत्रिमंडल?
वैसे एकनाथ सरकार को लेकर एक बड़ी खबर और सामने आई है. नए मंत्रिमंडल को लेकर एक फॉर्मूला तैयार कर लिया गया है. एकनाथ शिंदे की सरकार में बीजेपी के खाते में ज्यादा मंत्री पद आ सकते हैं. बीजेपी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पार्टी और शिंदे गुट के बीच 65 और 35 प्रतिशत के हिसाब से मंत्री पदों का बंटवारा हो सकता है. अगर ऐसा हुआ तो बीजेपी के खाते 24 से 25 मंत्री आएंगे, जबकि शिंदे गुट के 15 से 16 मंत्री नई सरकार की मंत्री परिषद का हिस्सा हो सकते हैं.

Latest articles

विधानसभा में 33% महिला आरक्षण का संकल्प पारित: CM बोले-कांग्रेस ने बहनों की क्षमता-आकांक्षाओं की पीठ में खंजर घोंपा

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के विशेष एक दिवसीय सत्र में सोमवार को ‘नारी शक्ति वंदन’...

मनरेगा ई-केवाईसी में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल: 97.11% लक्ष्य पूरा कर रचा इतिहास, बड़े राज्यों को भी पछाड़ा

  रायपुर। छत्तीसगढ़ ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के क्रियान्वयन में...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से की शिष्टाचार भेंट, विकास और जनहित के मुद्दों पर हुई चर्चा

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने बेंगलुरु प्रवास के दौरान कर्नाटक के...

More like this

मनरेगा ई-केवाईसी में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल: 97.11% लक्ष्य पूरा कर रचा इतिहास, बड़े राज्यों को भी पछाड़ा

  रायपुर। छत्तीसगढ़ ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के क्रियान्वयन में...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से की शिष्टाचार भेंट, विकास और जनहित के मुद्दों पर हुई चर्चा

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने बेंगलुरु प्रवास के दौरान कर्नाटक के...