7.2 C
London
Monday, March 9, 2026
Homeराज्यबांके बिहारी मंदिर केस में सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को लगाई...

बांके बिहारी मंदिर केस में सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को लगाई कड़ी फटकार, समझिए पूरा मामला

Published on

मथुरा/नई दिल्‍ली:

सुप्रीम कोर्ट ने वृंदावन में प्रसिद्ध श्री बांके बिहारी मंदिर के प्रबंधन को लेकर दो निजी पक्षों के बीच मुकदमेबाजी को ‘हाईजैक’ करने के लिए मंगलवार को यूपी सरकार को फटकार लगाई। न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने कहा कि अगर राज्य सरकार पक्षों के बीच निजी विवाद में शामिल होने लगेगी तो इससे कानून का शासन समाप्त हो जाएगा।

पीठ ने कहा, क्या राज्य सरकार कार्यवाही में पक्षकार थी? राज्य सरकार किस हैसियत से विवाद में शामिल हुई है? अगर सरकार पक्षों के बीच निजी विवाद में शामिल होने लगेगी तो इससे कानून का शासन समाप्त हो जाएगा। आप मुकदमेबाजी को हाईजैक नहीं कर सकते। दो पक्षों के बीच निजी मुकदमेबाजी में राज्य सरकार द्वारा हस्तक्षेप याचिका दाखिल करना और उसे हाईजैक करना स्वीकार्य नहीं है।

याचिकाकर्ता के वकील कपिल सिब्‍बल ने दी दलील
शीर्ष अदालत मथुरा में श्री बांके बिहारी मंदिर के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की प्रस्तावित पुनर्विकास योजना को मंजूरी देने वाले अपने आदेश में संशोधन संबंधी याचिका पर सुनवाई कर रही थी। शुरुआत में याचिकाकर्ता देवेंद्र नाथ गोस्वामी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी, हमें पक्षकार बनाए बिना उत्तर प्रदेश सरकार को 300 करोड़ रुपये की धनराशि दे दी गई है। सिब्बल ने दलील दी, आप एक अन्य याचिका में आदेश देकर कैसे निर्देश दे सकते हैं कि एक निजी मंदिर की कमाई राज्य को सौंप दी जाए।

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश वकील ने शीर्ष अदालत को बताया कि राज्य सरकार ने प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर के प्रबंधन और प्रस्तावित गलियारे के काम की देखरेख के लिए एक ट्रस्ट बनाया है। अधिनियम के तहत पूरी धनराशि ट्रस्ट के पास होगी, न कि सरकार के पास।

29 मई तक मांगा हलफनामा
शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार के वकील को निर्देश दिया कि वह ट्रस्ट के संबंध में पारित अध्यादेश की एक प्रति याचिकाकर्ता को दें और संबंधित प्रधान सचिव को 29 जुलाई तक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। शीर्ष अदालत ने 15 मई को श्रद्धालुओं के लिए मंदिर कॉरिडोर विकसित करने की राज्य सरकार की योजना का मार्ग प्रशस्त कर दिया था। इसके बाद न्यायालय ने राज्य सरकार की इस दलील को स्वीकार कर लिया कि मंदिर के कोष का उपयोग केवल मंदिर के आसपास पांच एकड़ भूमि खरीदने के लिए किया जाए।

Latest articles

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सिविल सेवा परीक्षा टॉपर अनुज अग्निहोत्री को फोन पर दी बधाई, कहा- ‘यह सफलता राजस्थान के लिए गौरव’

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा-2025 में अखिल भारतीय स्तर पर प्रथम...

गोविन्दपुरा पुलिस की पहल: एडिशनल एसपी और टीआई ने नगर रक्षा समिति के सदस्यों को बांटे आईकार्ड

भोपाल राजधानी के गोविन्दपुरा थाना परिसर में शनिवार को नगर एवं ग्राम रक्षा समिति के...

पार्किंग विवाद में ऑटो चालक पर चाकू से जानलेवा हमला

भोपाल टीला जमालपुरा इलाके में पार्किंग को लेकर हुए विवाद में एक ऑटो चालक पर...

More like this

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दी होली व धुलंडी की शुभकामनाएं

जयपुर भजनलाल शर्मा ने होली एवं धुलंडी के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई...

मप्र में अवैध कॉलोनियों पर सख्ती की तैयारी, 90 दिन में एफआईआर और 10 साल तक की सजा का प्रस्ताव

भोपाल मप्र में तेजी से बढ़ रही अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाने के लिए राज्य...