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तमिलनाडुः दो महीने में 20 से ज्यादा यौन शोषण के आरोपी शिक्षक बर्खास्त

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चेन्नई:

तमिलनाडु के स्कूलों में छात्राएं सुरक्षित नहीं हैं! दरअसल, पिछले तीन सालों में 238 शिक्षकों पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगे हैं. जिनमें से 36 घटनाएं स्कूल परिसर के बाहर हुईं. अब तक 11 शिक्षकों की गिरफ्तारी हो चुकी है. शिक्षा विभाग बर्खास्त शिक्षकों के प्रमाण पत्र जब्त करने और उन्हें निरस्त करने की प्रक्रिया में जुटा है. ये आंकड़े न सिर्फ चौंकाने वाले हैं, बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि स्कूलों में बच्चियां कितनी असुरक्षित हैं.

मंत्री की चेतावनी के बाद कार्रवाई तेजः तमिलनाडु के मंत्री अंबिल महेश पोय्यामोझी की चेतावनी के बाद छात्राओं से यौन उत्पीड़न के दोषी पाए गए शिक्षकों को बर्खास्त करने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. मंत्री पोय्यामोझी ने घोषणा की थी कि शेष व्यक्तियों के खिलाफ 10 मार्च तक कड़ी कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि पिछले तीन सालों में यौन उत्पीड़न के आरोपों की समीक्षा से पता चला है कि 238 शिक्षक इसमें शामिल थे.

प्रमाण पत्र निरस्त करने की प्रक्रियाः पिछले दो महीनों में सात शिक्षकों को छात्राओं के यौन उत्पीड़न के आरोप में बर्खास्त किया गया. ये शिक्षक डिंडीगुल, त्रिची, नीलगिरी, पुदुक्कोट्टई, विल्लुपुरम, धर्मपुरी और तिरुनेलवेली जिलों के रहनेवाले हैं. इसके अलावा प्रारंभिक शिक्षा विभाग के 15 शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है, जिनमें तीन की मौत हो चुकी है. जिला मुख्य शिक्षा अधिकारी इन बर्खास्त शिक्षकों के प्रमाण पत्र जब्त करने और निरस्त करने की प्रक्रिया कर रहे हैं.

स्कूल शिक्षा विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, “2012 में जारी सरकारी आदेश 121 में उन शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की रूपरेखा दी गई है जो छात्रों का यौन उत्पीड़न करते हैं. इस आदेश के आधार पर, दुराचार में शामिल लोगों के विरुद्ध सेवानिवृत्ति या बर्खास्तगी सहित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती है. सरकारी स्कूल के शिक्षकों के लिए, तमिलनाडु सरकारी कर्मचारी आचरण नियम 19(2) लागू होता है. इस नियम का उल्लंघन करने पर उपर्युक्त दंडों में से एक दंड दिया जाएगा.”

चल रही जांचः स्कूल शिक्षा विभाग ने सरकारी आदेश के अनुसार यौन अपराधों में दोषी पाए गए शिक्षकों के प्रमाण पत्र रद्द करने की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी गयी है. यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे शिक्षकों के खिलाफ जांच जारी है. पिछले दो महीनों में सात शिक्षकों को बर्खास्त किया गया है, और प्राथमिक शिक्षा विभाग के 15 शिक्षकों को भी बर्खास्त किया गया है. अन्य आरोपी व्यक्तियों की जांच जारी है.

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