13 C
London
Saturday, June 6, 2026
Homeराज्यशिक्षकों की सैलरी... सुनते ही उखड़ गए सीएम नीतीश, सदन में राबड़ी...

शिक्षकों की सैलरी… सुनते ही उखड़ गए सीएम नीतीश, सदन में राबड़ी देवी से जबर्दस्त भिड़ंत

Published on

पटना:

बिहार विधान परिषद में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के बीच तीखी बहस हुई। यह बहस शिक्षकों के वेतन भुगतान और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर शुरू हुई। नीतीश कुमार ने राजद के शासनकाल पर निशाना साधा, जबकि राबड़ी देवी ने नीतीश सरकार पर महिलाओं का अपमान करने का आरोप लगाया। विपक्ष के हंगामे के बीच सभापति को हस्तक्षेप करना पड़ा।

सदन में नीतीश कुमार और राबड़ी देवी में भिड़ंत
बिहार विधान परिषद का माहौल बुधवार को गरमा गया। शिक्षकों के वेतन भुगतान में देरी के मुद्दे पर चर्चा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने सवाल उठाए। इस पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तीखी प्रतिक्रिया दी। नीतीश कुमार ने लालू-राबड़ी के शासनकाल की आलोचना करते हुए कहा कि उस समय महिलाओं की स्थिति अच्छी नहीं थी। उन्होंने अपनी सरकार द्वारा महिलाओं के लिए किए गए कार्यों का भी जिक्र किया। नीतीश कुमार के इस बयान पर विपक्षी सदस्य भड़क गए और हंगामा करने लगे।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, ‘पहले क्या होता था? महिलाओं की क्या स्थिति थी? महिलाएं कितनी पढ़ी-लिखी थीं? हमने महिलाओं के लिए काफी काम किया है।’ नीतीश कुमार के इस बयान पर राबड़ी देवी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री नीतीश कुमार महिलाओं का अपमान कर रहे हैं। राबड़ी देवी ने आरोप लगाया कि कुछ लोग नीतीश कुमार के कान भरते हैं जिसके बाद वह महिलाओं का अपमान करते हैं। ये महिला का लगातार अपमान कर रहे हैं।’

बिहार में शिक्षकों को सैलरी देने के मुद्दे पर भिड़ंत
विधान पार्षद संजीव कुमार सिंह ने होली और रमजान जैसे त्योहारों पर शिक्षकों को वेतन नहीं मिलने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर मामला है और सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। सभापति अवधेश नारायण सिंह ने भी इस मुद्दे पर अपनी सहमति जताई। सदन में कई सदस्यों ने शिक्षकों के वेतन भुगतान की मांग की। उन्होंने कहा कि त्योहारों के समय वेतन नहीं मिलने से शिक्षकों को परेशानी हो रही है। उन्होंने सरकार से इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया।

विपक्ष के नेता, राबड़ी देवी, सुनील सिंह और अन्य सदस्यों ने नीतीश सरकार पर जमकर हमला बोला। हंगामे को देखते हुए सभापति अवधेश नारायण सिंह को अपनी सीट से खड़े होकर दोनों पक्षों को शांत कराना पड़ा। उन्होंने सदस्यों से शांति बनाए रखने और सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने देने की अपील की। इस घटना ने एक बार फिर बिहार की राजनीति में सत्ता पक्ष और विपक्ष में तनाव देखने को मिला। शिक्षकों के वेतन भुगतान का मुद्दा और महिलाओं से जुड़े मामले अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गए हैं।

Latest articles

भेल क्षेत्र में प्रशासन का बड़ा एक्शन; 40 करोड़ की सरकारी जमीन अतिक्रमण से मुक्त, 70 दुकानें और 42 झुग्गियां हटाईं

​भोपाल। भेल क्षेत्र के रायसेन रोड इंद्रपुरी से निजामुद्दीन रोड के चौड़ीकरण के मार्ग...

भाजपा प्रत्याशी तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल ने दाखिल किया नामांकन, सीएम यादव रहे साथ

भोपाल। मध्यप्रदेश से राज्यसभा के लिए भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी तरुण चुघ और...

कॉकरोच पार्टी का दिल्ली में प्रदर्शन, अभिजीत बोले- हिंदू-मुसलमान की राजनीति करने से नौकरी नहीं मिलती

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में...

More like this

छत्तीसगढ़ में पारंपरिक डिग्रियों से ‘ग्लोबल करियर’ की ओर युवा: 36 कॉलेज बनेंगे ‘उत्कृष्टता केंद्र’, लोकल शोध को मिलेगी ग्लोबल पहचान

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य को खनिज और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ अब एक वैश्विक...

बुजुर्गों की तीर्थाटन की मनोकामना को साकार कर रही सरकार, सीएम भजनलाल शर्मा ने सोमनाथ यात्रा ट्रेन को दिखाई हरी झंडी

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार शाम जयपुर के दुर्गापुरा रेलवे स्टेशन...

पंजाब में 1 जुलाई से शुरू होगी ‘मांवा-धीयां सत्कार योजना’, महिलाओं को मिलेंगे हर माह 1000 और ₹1500

चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज एक बड़ी ऐतिहासिक घोषणा करते...