10.8 C
London
Tuesday, May 5, 2026
Homeराज्यशहीद की पत्नी की वो आखिरी इच्छा… बंद कमरे में आधे घंटे...

शहीद की पत्नी की वो आखिरी इच्छा… बंद कमरे में आधे घंटे तक गुजारी वक्त, बाहर गूंजते रहे भारत माता की जय के नारे

Published on

सिवान

भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान शहीद हुए बिहार के रहने वाले आर्मी जवान रामबाबू सिंह का पार्थिव शरीर उनके गांव पहुंचा। उनका गांव वसिलपुर सिवान जिले के बड़हरिया प्रखंड में है। उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया। छह महीने पहले ही उनकी शादी हुई थी। अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोग उमड़ पड़े। उनकी पत्नी और मां पार्थिव शरीर से लिपटकर रोती रहीं। अंतिम संस्कार से पहले सेना के जवानों ने उनकी पत्नी से आखिरी इच्छा पूछी, जिसे सुनकर सभी भावुक हो गए।

भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर रामबाबू की शहादत
रामबाबू सिंह भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान बॉर्डर पर तैनात थे। पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर चल रहा था। वे बिहार के सिवान जिले के रहने वाले थे। उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव वसिलपुर लाया गया। ये गांव बड़हरिया प्रखंड में है। रामबाबू सिंह की शादी को अभी छह महीने ही हुए थे। उनके अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोग जमा हुए। जब उनका पार्थिव शरीर घर पहुंचा, तो उनकी मां और पत्नी उससे लिपटकर रोने लगीं। वहां का माहौल बहुत ही गमगीन था। सेना के जवानों ने अंतिम संस्कार करने से पहले उनकी पत्नी से उनकी आखिरी इच्छा के बारे में पूछा। ये सुनकर वहां मौजूद सभी लोग भावुक हो गए।

अंतिम इच्छा सुनकर हर कोई हुआ भावुक
सेना के जवान रामबाबू के पार्थिव शरीर को लेकर उनके गांव पहुंचे। उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। जैसे ही शहीद का पार्थिव शरीर उनके घर के दरवाजे पर पहुंचा, वहां मौजूद महिलाएं जोर-जोर से रोने लगीं। उनकी मां अपने बेटे के पार्थिव शरीर से लिपटकर विलाप कर रही थीं। उनकी पत्नी अंजली का रो-रोकर बुरा हाल था। उनकी मां उन्हें ढांढस बंधा रही थीं। शहीद की मां बार-बार अपने बेटे का नाम लेकर बेहोश हो जा रही थीं। लोग उनकी पत्नी और मां को संभालने की कोशिश कर रहे थे। जब सेना के अधिकारियों ने पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने से पहले शहीद की पत्नी से कोई आखिरी इच्छा पूछी, तो उनकी पत्नी ने ऐसा जवाब दिया कि हर कोई भावुक हो गया।

शहीद के शव के साथ आधे घंटे तक कमरे में रही पत्नी
शहीद की पत्नी अंजलि ने सेना के अफसरों से कहा, ‘वो चाहती हैं कि अंतिम संस्कार के लिए ले जाने से पहले रामबाबू के पार्थिव शरीर को उनके कमरे तक ले जाया जाए।’ ये सुनकर सेना के जवान तुरंत पार्थिव शरीर को उनके कमरे तक ले गए। लगभग आधे घंटे तक कमरा बंद रहा और रामबाबू के परिजन अंदर रहे। इसके बाद, रामबाबू का पार्थिव शरीर बाहर लाया गया और सभी ने नम आंखों से उन्हें विदाई दी। रामबाबू सिंह की शादी को सिर्फ छह महीने ही हुए थे। शादी के बाद वे ज्यादातर समय ड्यूटी पर ही रहे। जिस दिन वे शहीद हुए, उस दिन भी उन्होंने सुबह अपनी पत्नी से फोन पर बात की थी। उन्होंने शाम को फिर से कॉल करने का वादा किया था। लेकिन, अचानक ही उनके शहादत की खबर उनके परिवार को मिली।

Latest articles

चीन के हुनान में पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 21 की मौत, 61 लोग घायल

बीजिंग। मध्य चीन के हुनान प्रांत से एक बेहद दर्दनाक और खौफनाक खबर सामने...

बंगाल में नई सरकार का शपथग्रहण 9 मई को, सीएम चेहरे पर सस्पेंस बरकरार!

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के...

भारतीय राजनीति के कई पुराने किले ढहे, बंगाल में दीदी तो तमिलनाडु में स्टालिन हारे, शुभेंदु और विजय का चला जादू

नई दिल्ली। चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनावी नतीजे लगभग साफ...

वैष्णव छीपा समाज भोपाल का प्रांतीय युवक युवती परिचय सम्मेलन सम्पन्न

भोपाल। वैष्णव छीपा समाज भोपाल का नौवां प्रांतीय युवक युवती परिचय सम्मेलन गुफा मन्दिर...

More like this

विक्रमशिला सेतु का 34 मीटर हिस्सा गंगा नदी में गिरा, 16 जिलों का आवागमन प्रभावित

भागलपुर। बिहार के भागलपुर में स्थित 4.7 किलोमीटर लंबे विक्रमशिला सेतु का एक बड़ा...

सीसी रोड की खराब गुणवत्ता पर सख्त हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बेमेतरा जिले के नगर पंचायत दाढ़ी...

15 जून तक पूरे हों मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जल स्वावलंबन अभियान के कार्य, पौधारोपण की तैयारी के निर्देश

जयपुर। मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 एवं जल संचय जन भागीदारी 2.0 की समीक्षा...