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बच्चे को सांप ने काट लिया: गुस्से में बालक ने जो किया वो हैरान करने वाला, मौके पर ही नाग की मौत

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रायपुर

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में यूं तो सर्पदंश के बहुत से मामले सामने आते हैं। लेकिन इस बार यहां हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। अभी तक आपने सुना होगा कि इंसानों को सांप काटते थे, लेकिन अब इंसान जहरीले सांप को काट रहे हैं। यह कहानी है छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले रहने वाले एक बच्चे की। जिसने गुस्से में सांप को काट लिया और जिससे सांप की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, सांप ने पहले बच्चे को काटा उसके बाद गुस्से में बच्चे ने उस सांप को पकड़कर काट दिया जिस कारण से सांप की मौत हो गई। बच्चे के परिजनों ने बच्चे को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है जहां से वो पूरी तरह से ठीक है गया है।

सांप ने बच्चे के हाथ को जकड़ लिया था
मामला जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड का है। जहां पंडरापाठ में रहने वाला पहाड़ी कोरवा बालक घर से कुछ दूर अपनी दीदी के यहां गया हुआ था। जब बच्चा खेल रहा था उसी समय एक सांप ने उसके हाथ में काट दिया। जिसके बाद गुस्से में दीपक राम ने भी सांप को पकड़कर उसे अपने दांतों से काट लिया। इस दौरान सांप ने दीपक के हाथों को बुरी तरह जकड़ लिया था। इसकी खबर बालक की दीदी को हुई तो उन्होंने तत्काल बालक का इलाज कराया और अब बालक पूर्णतः स्वस्थ है।

दीपक राम का कहना है कि मैं खेल रहा था उसी समय जहरीले सांप ने आकर मुझे काट दिया। तो मैंने भी गुस्से में आकर सांप को काट दिया इसके बाद इसकी सूचना मैंने अपने घरवालों को दी। बालक की बहन का कहना है की मैं घर का पानी लेने के लिए गई थी और मेरा भाई मेरे पास आया और बताया दीदी मुझे सांप ने काट दिया है और मैंने भी गुस्से में आकर सांप को काट दिया है। फिर हम लोगों ने भाई का इलाज करवाया जिससे वह ठीक हो गया। वहीं, बालक की मां का कहना है कि मैं अपने परिवार के साथ थी। मुझे जानकारी मिली कि मेरे बेटे को सांप ने काट दिया है। जिसके बाद हमें सूचना मिलने के बाद मैंने अपने बच्चे को इलाज के लिए अस्पताल लेकर गई जिससे मेरा बच्चा ठीक हो गया।

यहां पाए जाते हैं जहरीले सांप
जशपुर जिले में यह अंधविश्वास भी है कि यदि आपको सांप काट ले तो और सांप को काट लें तो विष का प्रभाव नहीं होगा। यहां इस मामले में सर्पदंश के बाद बालक को इस कदर गुस्सा आया कि उसने सांप को काट लिया। छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर पर बसे जशपुर जिले के फरसाबहार तहसील से लगे इलाकों को नागलोक के नाम से जाना जाता है। प्रदेश को ओडिशा से जोड़ने वाली स्टेट हाईवे के किनारे स्थित तपकरा और इसके आसपास के गांव में किंग कोबरा, करैत जैसे अत्यंत विषैल सर्प यहां पाए जाते हैं।

लोगों का मानना है यहां है नागलोक जाने की गुफा
देश में कोबरा और करैत की सबसे जहरीली प्रजाति यदि कहीं पाई जाती है, तो वह है छत्तीसगढ़ का जशपुर और यही कारण है कि इस जगह को लोग छत्तीसगढ़ के ‘नागलोक’ के नाम से जानते हैं। किवदंती है कि इस क्षेत्र में एक गुफा है जहां नागलोक का प्रवेश है। इस गुफा के जरिए नागलोक तक जाया जा सकता है। ऐसा कहा जाता है कि सांप इस इलाके में तब से रह रहे हैं, जब से आदिवासी रहते आए हैं। बताया जाता है कि नागलोक और उससे लगे इलाके में सांपों की 70 से ज्यादा प्रजातियां पाई जाती हैं। इनमें कोबरा की चार और करैत की तीन अत्यंत विषैली प्रजातियां भी शामिल हैं।

भारी मात्रा में पाए जाते हैं जहरीले सांप
सांपों का रेस्क्यू करने वाले केसर हुसैन बताते हैं कि जशपुर क्षेत्र में बहुतायत मात्रा में सांप पाए जाते हैं। वे बताते हैं कि छत्तीसगढ़ में जितने भी प्रजाति के सांप पाए जाते हैं, उनमें से 80% सांपों की प्रजाति जशपुर में मौजूद हैं। जशपुर में कुल 26 प्रकार के सांपों की प्रजाति पाई जाती है। इनमें से सिर्फ छह प्रजाति ही जहरीली है बाकी 20 प्रकार की सांपों की प्रजातियों में जहर नहीं होता। जिले में बारिश और गर्मी के मौसम में सांपों का खासा असर होता है। इस मौसम में सांप बिलों से बाहर आ जाते हैं। जिले में सांपों की अधिकता होने की वजह से सर्पदंश से मौत के मामले भी ज्यादा हैं।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े
जशपुर में बीते तीन साल में 35 लोग सर्पदंश का शिकार हो चुके हैं। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग ने आंकड़े भी जारी किए हैं। जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि सर्पदंश के मामले से निपटने के लिए जिले के सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध कराया गया है। इसके साथ ही जागरूकता के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है। साल 2017 में 16 लोगों की मौत सांप के काटने से हुई थी। साल 2018 में सर्पदंश से 6 लोगों की मौत हो चुकी है। साल 2019 में 12 लोगों की मौत सांप के काटने से हुई है।

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