नई दिल्ली,
राजस्थान की राजधानी जयपुर में पेट्रोल पंप के पास हुआ सड़क हादसा रूह कंपाने वाला है. सामने आया है कि इस धमाके और अग्निकांड में एक-एक कर 40 से ज्यादा गाड़ियां आग की चपेट में आ गईं. इस दौरान यात्रियों से भरी बस में भी आग लग गई और इसमें सवार 11 यात्री जिंदा जल गए और 33 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं. अब तक मिली जानकारी के मुताबिक इस हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई है और कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं.
यू-टर्न लेने के कारण हुआ हादसा
जयपुर में हुए इस हादसे को मैनमेड भी कहा जा सकता है. बेशक ये हादसा ड्राइवरों की लापरवाही है, लेकिन जिस हाइवे पर हर घंटे हजार वाहन निकल रहे हों वहां सरकारों ने बीते 6-7 सालों से गंभीर जानलेवा लापरवाही कर रखी है. जयपुर से करीब 10 km पहले यू टर्न ले रहे एलपीजी टैंकर को केमिकल से भरे ट्रक ने टक्कर मारा. एलपीजी टैंकर के पीछे नोज़ल से गैस निकलना शुरू हुई और 10 सेकेंड में पेट्रोल की गाड़ियां आग का गोला बन गई. जहां पर ये एक्सीडेंट हुआ है वहां अजमेर की दिशा से आ रहा और जयपुर की तरफ जा रहा टैंकर यू टर्न लेकर वापस अजमेर की तरफ मुड़ रहा था क्योंकि इस एलपीजी टैंकर को थोड़ी दूर पर रिंग रोड पर चढ़कर आगरा रोड की तरफ जाना था.
दिल्ली अजमेर हाइवे पर है समस्या
यहां पर नेशनल हाइवे -8 यानी दिल्ली अजमेर हाइवे पर यू टर्न लेने की मजबूरी सरकारों की लापरवाही का नतीजा है. वसुंधरा सरकार में 2016 में रिंग रोड बनी और उद्घाटन 2018 के आखिरी में हुआ था. काम अधूरा था इसलिए मार्च 2019 में गहलोत सरकार के आने के बाद यातायात शुरू हुआ, लेकिन गहलोत सरकार ने भी इस पर ऊपर चढ़ने के लिए क्लोअर लीफ़ नहीं बनाए जिससे अजमेर की तरफ से आ रहा ट्रैफिक घूमकर दूसरे साईड के उपर से निकल कर रिंग पर चढ़े.
सरकारें बदलें पर नहीं बदली व्यवस्था
तब से रिंग रोड के क्लोअर लीफ के लिए केवल पिलर ही खड़े हैं. अब सरकार भी बदल गई है. राजस्थान में भजनलाल सरकार है, लेकिन अभी भी काम पूरा नहीं हुआ है. जिसे भी आगरा-कोटा जाना होता है वह रिंग रोड पर चढ़ने के लिए यहां से यू टर्न लेता है जिससे आए दिन हादसे होते हैं लेकिन शुक्रवार को बड़ा हादसा हो गया. अब इस बीच मुंबई दिल्ली एक्सप्रेस वे भी बन गया है. हादसे वाले नेशनल हाइवे-8 को यही रिंग रोड मुंबई दिल्ली एक्सप्रेस वे जोड़ता है. अचानक से इस यू टर्न पर ट्रैफिक बढ़ा तो आठ साल बाद पिछले महीने फिर से क्लोवर लीफ़ पर काम शुरू हुआ मगर तब तक हादसा हो गया.
नए सिरे शुरू कराया गया है काम
इस तरह से सरकारों की नाकामी की वजह से ये हादसा हुआ है. हाइवे पर यू टर्न लेकर मुंबई- दिल्ली हाइवे, आगरा और टोंक हाइवे पर जाने की मजबूरी है. 2018 में क्लोअर लिफ का काम शुरू हुआ थी, तब जिस कंपनी (सोना बिल्ड्स और भारती स्पन कंपनी) को क्लोअर लीफ का टेंडर मिला था, जो बैंक करप्ट हो गई है और चार साल पहले काम छोड़ कर भाग गई. अब NHAI ने नए सिरे से बिडिंग करके इसी महीने 107 करोड़ रुपये में काम शुरू कराया गया है, जो कि 2026 में पूरा होगा.
40 से ज्यादा गाड़ियां जलकर खाक
जयपुर के भांकरोटा में एक केमिकल टैंकर में भयानक विस्फोट हुआ। सुबह लगभग 6 बजे अजमेर हाईवे पर यह हादसा हुआ। इसमें 11 लोगों की मौत हो गई और लगभग 35 लोग झुलस गए। विस्फोट के बाद लगी आग में 40 से ज्यादा गाड़ियां जलकर खाक हो गईं, जिसमें एक स्लीपर बस भी शामिल है। हाईवे किनारे स्थित एक पाइप फैक्ट्री भी आग की चपेट में आ गई। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि आसपास के इलाकों में सड़कों पर खून और फटे हुए कपड़े नजर आए।
इंसानों के साथ हवा में पक्षी जूझते रहे आग से
इस हादसे के कई सीसीटीवी फुटेज और तस्वीरें सामने आईं। हादसा इतना भयानक था कि सड़कों पर इंसान के जले हुए कपड़े और हवा में जिंदा जले पक्षी जमीन पर नजर आए। हादसे के समय एक स्लीपर बस में यात्री सो रहे थे। आग की लपटों ने सभी को चपेट में ले लिया। इसके बाद जले हुए कपड़ों में घायल सड़कों पर अपनी जान बचाने के लिए दौड़ते नजर आए।
हादसे के पीछे यह रही बड़ी वजह
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हॉस्पिटल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और डॉक्टरों से जानकारी ली। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि टैंकर से केमिकल लगभग 500 मीटर दूर तक फैल गया। इसके चलते आग ने और भीषण रूप ले लिया और 40 गाड़ियां इसकी चपेट में आ गईं। केमिकल और गैस के रिसाव के कारण आग बुझाने में भी दमकल कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की है। साथ ही सीएम भजनलाल ने भी मृतकों के परिजनों को 5 और घायलों को 1 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
धमाके की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी
ब्लास्ट की सूचना मिलते ही 30 से ज्यादा एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंच गई थीं। हादसे के बाद अजमेर हाईवे को बंद कर दिया गया है। भांकरोटा इलाके में सुबह लगभग 6 बजे हुए इस धमाके की आवाज लगभग 5 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। जहां टैंकर फटा, उसके सामने एक पेट्रोल पंप और डीपीएस स्कूल है।
