जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार शाम जयपुर के दुर्गापुरा रेलवे स्टेशन पर आयोजित एक गरिमामय समारोह में ‘वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना’ के तहत सोमनाथ जाने वाली विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने ट्रेन के भीतर जाकर तीर्थयात्रियों से मुलाकात की और उन्हें मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दीं। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वृद्धजनों के कल्याण और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।
इस कल्याणकारी योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश के एक लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों की देवदर्शन की अभिलाषा पूरी हो चुकी है। उन्होंने भारतीय संस्कृति को अटल, अमिट व अद्वितीय बताते हुए कहा कि सोमनाथ मंदिर हमारी आध्यात्मिक विरासत और शक्ति का प्रतीक है, जिसे कई बार तोड़ा गया लेकिन यह अपने स्वाभिमान के साथ पुनः स्थापित हुआ। मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि मंदिर पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ की ऐतिहासिक पहल की गई है, जो हमारी सांस्कृतिक चेतना का महापर्व बन चुका है। इसके तहत 1 हजार दिनों के लिए विशेष पूजा की जा रही है, जिसमें राजस्थान के श्रद्धालुओं को भी पुण्य लाभ उठाने का अवसर मिल रहा है। इस यात्रा के माध्यम से श्रद्धालुओं को सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के साथ-साथ द्वारका एवं नागेश्वर के भी दर्शन कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि तीर्थयात्रा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का माध्यम है।
उन्होंने डबल इंजन सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि आज देश-प्रदेश में सनातन संस्कृति का अभूतपूर्व उत्थान हो रहा है। अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के साथ काशी विश्वनाथ, महाकाल लोक और केदारनाथ धाम का कायाकल्प हुआ है, वहीं राजस्थान सरकार भी पुष्कर, खाटूश्यामजी, नाथद्वारा और केशोरायपाटन जैसे आस्था धामों का प्रतिबद्धता के साथ विकास कर रही है।
