भोपाल। रजत नगर स्थित शिव मंदिर के पास गत 3 जून से सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ, जो आगामी 9 जून तक अनवरत जारी रहेगा। इस धार्मिक अनुष्ठान में वाराणसी के सुप्रसिद्ध एवं विद्वान कथा वाचक आचार्य राम नरेश चौबे जी द्वारा अपनी सुमधुर वाणी से श्रद्धालुओं को रसपान कराया जा रहा है। कथा के प्रथम दिवस पर श्रीमद्भागवत महात्म्य पर प्रकाश डालते हुए आचार्य चौबे जी ने कहा कि कलियुग के इस दौर में श्रीमद्भागवत ही मानव जीवन का परम कल्याणकारी और उद्धार करने वाला पवित्र ग्रंथ है। उन्होंने रेखांकित किया कि भागवत कथा मनुष्य के चित्त के समस्त कल्मष और विकारों को ध्वस्त करने वाली है, जो जीवन की विषम व प्रतिकूल परिस्थितियों में भी अनुकूलता का अनुभव कराती है।
इसके श्रवण मात्र से ही मानव जीवन में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का प्राकट्य होता है। कथा प्रवाह को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने भगवान के विराट स्वरूप तथा सृष्टि रचना के प्रसंगों का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया और श्रद्धालुओं को संदेश दिया कि भागवत महापुराण वास्तव में दृढ़ संकल्प, निश्छल भक्ति और साक्षात भगवान की असीम कृपा का दिव्य संदेश है। इस भव्य और संगीतमय कथा का आयोजन श्रीमती विनीता नेमा, सुनील नेमा, आचार्य राजेंद्र शर्मा, आचार्य नीतीश शास्त्री, आचार्य सुरेश शास्त्री, देव नेमा, कृष्णकांत नेमा सहित समस्त क्षेत्रवासी व भक्त जनों के सहयोग द्वारा सामूहिक रूप से किया जा रहा है।
कथा के पहले ही दिन से बड़ी संख्या में क्षेत्रीय श्रोता व धर्मप्रेमी जनता भगवान की इन दिव्य और अलौकिक लीलाओं का श्रवण करने पांडल पहुंच रही है। आचार्य जी के भजनों और प्रसंगों की जीवंत व्याख्या से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया तथा उपस्थित समस्त भक्तजन भावविभोर होकर झूम उठे। आयोजन समिति ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से दैनिक कथा में सपरिवार सम्मिलित होकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।
