जयपुर
राजस्थान में भजनलाल सरकार शिक्षा विभाग को लेकर बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके चलते अब प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में वाइस प्रिंसिपल का पद समाप्त किया जाएगा। इसको लेकर शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया है। इसके तहत अब वाइस प्रिंसिपल के पद को डाइंग कैडर बनाने पर सहमति हुई है, अभी जो वाइस प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत शिक्षक हैं, उन्हें अब प्रमोशन दिया जाएगा, लेकिन इसके बाद इस पद पर किसी की भी नियुक्ति नहीं होगी।
शिक्षक संघ की मांग के बाद वाइस प्रिंसिपल पद समाप्त
सरकारी विद्यालयों में वाइस प्रिंसिपल पद को समाप्त किए जाने को लेकर शिक्षक संघ लंबे समय से मांग कर रहे थे। उनका कहना है कि वाइस प्रिंसिपल पोस्ट के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। अब शिक्षक सीधे प्रिंसिपल के रुप में पदोन्नत हो पाएंगे, अभी व्याख्याता 4800 ग्रेड पे से पदोन्न होकर 5400 ग्रेड पे पर वाइस प्रिंसिपल बनते हैं, लेकिन उन्हें नए नियम से फायदा होगा और 6600 ग्रेड पे के आधार पर प्रिंसिपल पर प्रमोशन होगा।
शिक्षा विभाग ने भी माना वाइस प्रिंसिपल की आवश्यकता नहीं
शिक्षक संघ की मांग को लेकर शिक्षा विभाग ने भी जायज माना है, उन्होंने समीक्षा बैठक में इसे स्वीकार किया कि स्कूलों में वाइस प्रिंसिपल पद की कोई आवश्यकता नहीं है। वाइस प्रिंसिपल पद होने से न सिर्फ शिक्षकों की कमी होती है, बल्कि व्याख्याता को आर्थिक नुकसान भी होता है। बता दें कि राजस्थान में 12 हजार 421 वाइस प्रिंसिपल के पद स्वीकृत है। इनमें अधिकांश पद खाली है, सरकार के इस नए निर्णय से अब 12 हजार वाइस प्रिंसिपल व्याख्याता के रूप में अपनी सेवाएं देंगे। बता दें कि गहलोत सरकार के दौरान सरकारी स्कूलों में वाइस प्रिंसिपल का पद सृजित किया गया था।
