जयपुर,
राजस्थान के जयपुर में फर्जी पुलिसकर्मी बनकर ठगी करने वाले ईरानी गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है. जयपुर शहर में पिछले 5 माह में 4 वारदातों को अंजाम देने वाले 3 इनामी बदमाशों समेत 4 बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपी के खिलाफ देश के कई राज्यों में ऐसी अनोखी धोखाधड़ी से जुड़े कई मामले दर्ज हैं. इसके चलते उन पर 25-25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था.
डीसीपी राशि डोगरा डूडी ने बताया कि 9 मार्च 2024 को एक परिवादी ने रिपोर्ट दी कि वह अपनी दुकान से हीरे और नकदी लेकर घर लौट रहा था. तभी कुछ दूरी पर खुद को पुलिसकर्मी बताने वाले चार लोगों ने उसे रोक लिया. इसके बाद जब उनसे आईडी कार्ड मांगा. तो उन्होंने फर्जी आईडी कार्ड दिखाया और बैग की तलाशी लेते हुए नकदी और 2 डायमंड के पीस लेकर भाग गए.
‘100 से ज्यादा CCTV कैमरे से आरोपी की पहचान’
इसके बाद पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की और 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे खंगाले. फिर आरोपियों की पहचान कर भोपाल के ईरानी बस्ती निवासी शेख मुख्तार उमर उर्फ हसन, मोहम्मद अली उर्फ साबिर, जुल्फिकार उर्फ जावेद और जितेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस सभी आरोपियों को लखनऊ से गिरफ्तार कर जयपुर लेकर आई है.
‘MP और महाराष्ट्र में भी कई लोगों को बनाया शिकार’
पुलिस पूछताछ में पता चला कि शातिर गिरोह के सरगना ने जयपुर में फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर ठगी की थी. इतना ही नहीं ये मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में भी कई लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं. इसके लिए गिरोह के सदस्य सर्राफा बाजार के आसपास की सड़कों को निशाना बनाते हैं और फिर पार्सल या बैग ले जाने वाले लोगों को रोकते हैं. फिर खुद को पुलिस या सीबीआई अधिकारी बताकर चेकिंग करते हैं.
‘दिल्ली, लखनऊ और कोलकाता में भी दर्ज हैं FIR’
इस दौरान ग्रुप का एक शातिर शख्स खुद को एसीपी बताकर उसे अपनी बातों में उलझा लेता और कीमती आभूषण और नकदी लेकर फरार हो जाता. हालांकि, जयपुर पुलिस को उनके खिलाफ दिल्ली, लखनऊ और कोलकाता में भी दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी मिली है, जिनका आपराधिक रिकॉर्ड जयपुर पुलिस ने मांगा है. मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है.
