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Sunday, December 7, 2025
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कानपुर में जब खुद ही नाले में सफाई करने उतर गईं महिला पार्षद, बाल्टी से निकाली सिल्ट

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कानपुर

यूपी के कानपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। रविवार को वार्ड-14 की पार्षद शालू कनौजिया नाले के चेंबर में उतर कर, बाल्टी से सिल्ट निकालने लगीं। बिना किसी सुरक्षा उपकरण के जान हथेली पर रखकर चेंबर में उतर गईं। दरअसल क्षेत्र में बीते डेढ़ साल से सीवर जल भराव की समस्या बनी हुई है। स्थानीय लोगों को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए महिला पार्षद ने डीएम, जलकल, समेत जिम्मेदार अधिकारियों को पत्र लिखकर जलभराव की समस्या से निजात दिलाने की मांग की। लेकिन अधिकारियों के कानों में जूँ तक नहीं रहेगा।

महिला पार्षद शालू कनौजिया डेढ़ वर्षों से जिम्मेदार अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन अधिकारियों ने इसपर ध्यान नहीं दिया। दीवाली का त्योहार सिर पर है और क्षेत्रीय जनता के घरों के बाहर सीवर का पानी भरा हुआ है। जिसकी वजह से लोगों का सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। सीवर जल भराव की वजह से संक्रामक बीमारियों का भी खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोग आए दिन पार्षद के पास शिकायत लेकर पहुंचते हैं।

मेट्रो की गलती का खामियाजा क्षेत्रीय लोग भुगत रहे
पार्षद पति और पूर्व पार्षद सुनील कनौजिया ने बताया कि वार्ड-14 से बीते दो वर्षों से मेट्रो परियोजना का काम चल रहा है। मेट्रो ने जो सीवर लाइन ऊंचाई से डाल दी। जिसकी वजह से पुरानी सीवर लाइन ध्वस्त होकर नीचे दब गई। जबकि पुरानी सीवर लाइन का कनेक्शन हजारों घरों में है। पुरानी सीवर लाइन ध्वस्त होने की वजह से जल भराव हो रहा है। बड़ी संख्या में लोग परेशान हैं।

जलकल के खिलाफ नारेबाजी
महिला पार्षद शालू कनौजिया अंदर ग्राउंड नाले के चेंबर में सीढ़ी लगाकर नीचे उतर गई। उन्होंने बाल्टी से सिल्ट निकालना शुरू कर दिया। इस दौरान स्थानीय लोगों के साथ उनके पति सुनील कनौजिया भी मौजूद रहे। क्षेत्रीय लोगों ने जलकल विभाग जमकर नारेबाजी की। शालू कनौजिया का कहना है कि अपने क्षेत्र की जनता के लिए मैं अपनी जान पर भी भी परवाह नहीं करती हूं। मेरे लिए क्षेत्र की जनता ही सर्वोपरी है।

जिम्मेदार अधिकारियों ने नहीं लिया एक्शन
शालू कनौजिया ने बताया कि सीवर जलभराव की समस्या को लेकर डीएम, जलकल महाप्रबंधक, अधिशासी अभियंता को पत्र लिखे। उनके दफ्तर जाकर समस्या से अवगत कराया। वहां की भौगोलिक स्थिति और क्षेत्रीय लोगों के आक्रोश के बारे में भी जानकारी दी। इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई एक्शन नहीं लिया। उनका कहना है कि मेट्रो ने जो गलती की है उसे जिला प्रशासन ठीक कराए, या फिर मेट्रो के अधिकारियों पर दबाव बनाकर दुरुस्त कराया जाए।

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