बेगूसराय (अमरपुर):
जम्मू-कश्मीर में एक सड़क हादसे में ऑन ड्यूटी वीरगति को प्राप्त हुए बेगूसराय जिले के अमरपुर निवासी जेसीओ सुजीत कुमार का पार्थिव शरीर मंगलवार को उनके पैतृक गांव लाया गया। जैसे ही सेना के जवान उनका शव लेकर गांव पहुंचे, हजारों की भीड़ श्रद्धांजलि देने उमड़ पड़ी। पूरा इलाका ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारों से गूंज उठा। शहीद सुजीत की पत्नी सिंधु देवी, बेटियां संध्या और सोनम, और बेटा किंसू ने पुष्प अर्पित कर उन्हें अंतिम सलामी दी। इस दौरान पत्नी सिंधु देवी अपने पति के पार्थिव शरीर को बार-बार चूमती रहीं। यह भावुक दृश्य देख वहां मौजूद हर आंख नम हो गई।
पत्नी ने की प्रधानमंत्री मोदी से मांग
शहीद की पत्नी ने बताया कि घटना के दिन सुबह ही पति से बातचीत हुई थी। उन्होंने परिवार की कुशलक्षेम पूछी थी, लेकिन मूवमेंट की कोई जानकारी नहीं दी थी। सिंधु देवी ने प्रधानमंत्री मोदी और राज्य की नीतीश सरकार से निवेदन किया कि उनके बच्चों की पढ़ाई और भविष्य के लिए सहयोग किया जाए और शहीद के नाम पर सड़क का नाम रखा जाए।
बेटी संध्या ने लिया संकल्प
शहीद की बेटी संध्या ने कहा, ‘पापा चाहते थे कि हम आर्मी अफसर बनें, हम उनके सपने को पूरा करेंगे। हमें उनके सर्वोच्च बलिदान पर गर्व है।’ उन्होंने यह भी बताया कि अंतिम बार 3 मई की रात पापा से बात हुई थी, और वे हमेशा एनडीए की तैयारी और सेना के जीवन की बातें साझा करते थे।
ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार हुए शामिल, दिया ये आश्वासन
बिहार सरकार की ओर से ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की और ऐलान किया कि परिजनों को 21 लाख रुपये की राहत राशि दी जाएगी। साथ ही, उनके सम्मान में विशेष कदम उठाने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए गए हैं। डीडीसी सोमेश बहादुर माथुर, डीएसपी इमरान अहमद, जदयू जिलाध्यक्ष रुदल राय सहित कई गणमान्य लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित की।
शहीद के स्वागत में उमड़ा जनसैलाब
शव यात्रा सिमरिया गंगा तट से शुरू होकर चकिया, बीहट, जीरो माइल, गढ़हारा, जयनगर होते हुए अमरपुर पहुंची। रास्ते भर लोग दोपहर से ही सड़क किनारे खड़े होकर अपने लाल की एक झलक पाने को व्याकुल दिखे। अमरपुर मध्य विद्यालय परिसर में जब उनका पार्थिव शरीर पहुंचा, तो 10 हजार से अधिक लोग श्रद्धांजलि देने के लिए मौजूद थे।
