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IAS आरके महाजन कौन हैं? जिनका नाम लैंड फॉर जॉब स्कैम में जोड़ने के लिए CBI को लगाने पड़े एड़ी-चोटी के जोर

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पटना:

लैंड फॉर जॉब मामले में नया नाम जुड़ा है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के पूर्व अध्यक्ष IAS आरके महाजन (रजनीश कुमार महाजन) पर रेलवे के लैंड फॉर जॉब घोटाले में मुकदमा चलाने की इजाजत दे दी। अगली सुनवाई 7 फरवरी को होनी है। इस घोटाले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, मीसा भारती और हेमा यादव पहले से ही आरोपी हैं। आरके महाजन पर आरोप है कि लालू यादव के रेल मंत्री रहते हुए उन्होंने इस घोटाले में अहम भूमिका निभाई थी। आरके महाजन, लालू यादव और नीतीश कुमार दोनों के करीबी रहे हैं और कई अहम पदों पर रहे हैं। बीपीएससी अध्यक्ष रहते हुए उनके कार्यकाल में पेपर लीक का भी मामला सामने आया था।

‘लैंड फॉर जॉब’ के लपेटे में IAS आरके महाजन
सीबीआई ने रेलवे के लैंड फॉर जॉब घोटाले में आरके महाजन के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी थी। कोर्ट ने 30 जनवरी को सीबीआई की दलीलें सुनने के बाद बिहार कैडर के IAS आरके महाजन पर मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी। इस घोटाले में लालू प्रसाद यादव पर रेल मंत्री रहते हुए रेलवे में नौकरियों के बदले जमीन लेने का आरोप है। मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के रहने वाले आरके महाजन उस समय लालू यादव के निजी सचिव और रेल भवन में जन शिकायत कोषांग के कार्यकारी निदेशक थे। सीबीआई का आरोप है कि आरके महाजन ने इस घोटाले में अहम भूमिका निभाई थी और लालू यादव के अवैध कामों को अंजाम दिया था।

बिहार से रेल मंत्रालय ले गए थे लालू यादव
लालू यादव के बेहद करीबी अधिकारियों में से एक आरके महाजन माने जाते थे। 2004 से 2009 तक, जब लालू यादव केंद्र में रेल मंत्री थे, तब आरके महाजन को बिहार से रेल मंत्रालय में लाया गया था। वो लालू यादव के निजी सचिव होने के साथ-साथ जन शिकायत कोषांग के कार्यकारी निदेशक भी थे। 2015 में, जब बिहार में नीतीश कुमार और लालू यादव की साझा सरकार बनी, तब तेज प्रताप यादव स्वास्थ्य मंत्री थे। उस समय लालू यादव ने आरके महाजन को स्वास्थ्य विभाग का प्रधान सचिव बनवाया था।

लालू यादव ही नहीं नीतीश के भी करीबी रहे
1987 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी आरके महाजन सिर्फ लालू यादव के ही नहीं, बल्कि नीतीश कुमार के भी करीबी रहे हैं। जब नीतीश कुमार बीजेपी के साथ सरकार चला रहे थे, तब भी आरके महाजन को अहम पदों पर तैनात किया गया था। नीतीश कुमार ने आरके महाजन को उनके रिटायरमेंट तक शिक्षा विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाए रखा। शिक्षा विभाग में आरके महाजन की तैनाती के दौरान कई विवाद हुए, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

BPSC के चेयरमैन रहे IAS आरके महाजन
इतना ही नहीं, आरके महाजन 31 अगस्त 2020 को आईएएस से रिटायर हुए थे। उसी दिन नीतीश कुमार ने उन्हें बीपीएससी का चेयरमैन बना दिया। आरके महाजन के बीपीएससी अध्यक्ष रहते हुए 2022 में प्रारंभिक परीक्षा का पेपर लीक हो गया था। इसके बाद परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी और इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज किया था। हालांकि, आरके महाजन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और वे अपने कार्यकाल तक बीपीएससी के अध्यक्ष बने रहे।

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