4.8 C
London
Sunday, March 22, 2026
Homeराज्यअपनी ही फैमिली से इतना क्यों घबराते हैं लालू, क्यों अपने माथे...

अपनी ही फैमिली से इतना क्यों घबराते हैं लालू, क्यों अपने माथे सजाए हैं तेजस्वी का ताज?

Published on

पटना

बिहार के राजनीतिक गलियारों का सच कहें तो एक बात तो तय है कि कार्यकताओं के बीच लोकप्रियता के शिखर पर आरजेडी सुप्रीमों लालू प्रसाद का अभी भी कोई जवाब नहीं है। सच तो यह भी है कि आरजेडी सुप्रीमो के लगातार 12वीं बार राष्ट्रीय अध्यक्ष बने तो पार्टी के भीतर न तो कोई चुनौती है और न ही कोई टकराहट की स्थिति। लेकिन राजनीत के निहितार्थ यह चर्चा जरूर है कि यह वह खास समय है, जहां संगठनके स्तर पर सेकंड लाइनर तैयार करना पार्टी की प्राथमिकता वाली जरूरत है। खास कर लालू प्रसाद की उम्र और उनकी सेहत को देखते हुए।

पार्टी के भीतर के सूत्रों की माने तो एक बार तो तय हो गया कि इस बार उम्र और स्वस्थ को ध्यान में रख लालू यादव सक्रिय राजनीति को अलविदा कह तेजस्वी यादव को संगठन का भी कमान सौंपेंगे। मीडिया जगत में इस आशय की खबर भी छपी और प्रतिक्रियाएं भी। इसके पीछे तर्क भी दिया गया कि जिस तरह से सरकार की जिम्मेवारी तेजस्वी ने संभाल ली है वह संगठन भी संभाल लेंगे। सरकार के स्तर पर तो मीडिया भी मानता है कि तेजस्वी यादव ने 2020 के विधान सभा चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें जीतने वाली पार्टी बन कर लिटमस टेस्ट तो पास कर लिये। अब संगठन में हाथ आजमाने की बारी है तो पार्टी के भीतर भी लालू यादव के कार्यकर्ताओं में तेजस्वी के उपर भी भरोसा है। लेकिन अंततः लालू प्रसाद ने एक बार फिर 12वीं बार खुद पर भरोसा किया और अध्यक्ष की कुर्सी अपने पास रखी।

क्या परिवार अंतर्कलह की रथ पर सवार तो नहीं?
राजनीतिक गलियारों में तो यह चर्चा है कि सत्ता और संगठन में अब फेर बदल करने का आरजेडी सुप्रीमो मन बना चुके थे। लेकिन इसका परिवार में ही विरोध हो गया। लालू प्रसाद ने सहमति बनाने की कोशिश की, पर सफल नहीं हो सके। वैसे भी आरजेडी सुप्रीमो के परिवार में राजनीत के कई कोण हमेशा खुले रहते हैं। सबकी महात्वकांक्षा भी कुछ कम नहीं। लालू प्रसाद के अलावा राजनीतिक निर्णय लेने में राबड़ी देवी, मीसा भारती, तेज प्रताप यहां तक की रोहिणी भी सहायक होती हैं। मीसा भारती लालू यादव के काफी करीब मानी जाती हैं। उनकी इच्छाएं भी कम नहीं। तेज प्रताप खुद अभी राजनीत के मैदान में अस्थिर पात्र हैं। पूर्व में लालू राबड़ी मोर्चा, छात्र परिषद बना कर अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा प्रदर्शित भी कर चुके हैं। इसके साथ यह भी तय है कि लालू यादव राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद परिवार से बाहर नही देना चाहेंगे। राजनीतिक विशेषज्ञ भी इस वजह से कहते हैं कि अभी ये तेजस्वी का निर्माण काल है, सो फजीहत से बचने के लिए या फिर पारिवारिक कलह के बाहर आ जाने से रोकने के लिए लालू प्रसाद ने एक बार फिर यह जिम्मेवारी ओढ़ ली।

क्या कहते हैं आरजेडी नेता
आरजेडी के वरीय नेता सुमन मल्लिक हालांकि पारिवारिक कलह की बात नकारते हुए कहते हैं कि उनकी लोकप्रियता देश में और पार्टी के भीतर बनी हुई है। उनकी मौजूदगी भर से पार्टी लगातार आगे बढ़ रही है। वह उम्रदराज हैं पर उनका दिमाग अभी भी एक युवा से ज्यादा सक्रिय है।

राजनीतिक विशेषज्ञ की नजरों में
राजनीतिक विश्लेषक डॉ. संजय जी कहते हैं इसमें कोई शक नहीं कि लालू प्रसाद अभी भी लोकप्रियता के चरम पर हैं। लेकिन पार्टी के लिए वह भी जानते हैं कि इस पावरफुल तरीके से काम करने में उनकी उम्र और बीमारी एक बाधा जरूर है। साथ ही इसके एक सेकंड लाइनर पार्ट के भीतर डेवलप भी करना जरूरी है। पर ऐसा नहीं हुआ तो इसकी वजह कहीं न कहीं परिवार के बीच में किसी नाम को लेकर सहमति नहीं बनी होगी या फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद के लिए आपस में टकराहट होने लगी होगी। शायद इसका निदान यही ठीक भी था कि स्वयं वो कमान संभाले।

Latest articles

असम में भाजपा की ताकत का प्रदर्शन, भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने भरी हुंकार

विधानसभा चुनाव में पार्टी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार...

भोपाल सहित प्रदेशभर में मनाई गई ईद-उल-फितर, मस्जिदों में अदा हुई नमाज

भोपाल: पवित्र महीने Ramadan के 30 रोजे पूरे होने के बाद शनिवार को Eid al-Fitr...

ईरान-अमेरिका टकराव: दोनों देशों ने जताया जीत का दावा, बढ़ा वैश्विक तनाव

वॉशिंगटन/तेहरान: Donald Trump और ईरान के नेताओं के बीच जारी बयानबाज़ी ने दुनिया की चिंता...

नवरात्रि के चौथे दिन माँ कूष्मांडा का पूजन, हनुमान चालीसा एवं श्री गुरु गीता का सामूहिक पाठ आयोजित

भोपाल। रायसेन रोड स्थित पटेल नगर के जागृत एवं दर्शनीय तीर्थ स्थल दादाजी धाम...

More like this

जयपुर मेट्रो विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक, प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ने के निर्देश

जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को जयपुर मेट्रो के विस्तार को लेकर एक...

टीकाकरण महिलाओं और किशोरियों के सुरक्षित भविष्य और स्वास्थ्य की दिशा में बीएचईएल द्वारा क्रांतिकारी कदम — ईडी

हरिद्वार भेल  हरिद्वार के मुख्य चिकित्सालय में महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 207 नवीन बसों को दिखाई हरी झण्डी: राजस्थान में सुदृढ़ होगी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को राजधानी में 207 नवीन बसों को हरी झण्डी...