जयपुर
विधानसभा में सत्ता और विपक्ष के बीच जमकर गतिरोध व्याप्त है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी पर झुकने के लिए तैयार नहीं है। इस बीच डोटासरा ने खुद के विधायकी को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली कह देंगे, तो मैं इस्तीफा देने के लिए तैयार हूं। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष को विधानसभा में हाउस का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए। बता दें कि डोटासरा और विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी के बीच बीते दिनों हुई तीखी बयानबाजी से सियासत में जमकर उबाल है। इस दौरान डोटासरा के व्यंग्य बाणों से व्यथित होकर स्पीकर देवनानी भावुक हो गए थे।
डोटासरा ने खुद पर उठे सवालों पर दिया जवाब
बीते दिनों विधानसभा स्पीकर देवनानी ने यहां तक कह दिया था कि डोटासरा विधायक बनने के लायक नहीं है, तब से सियासत में डोटासरा पर कई सवाल उठ रहे हैं। इस बीच कांग्रेस के वाररूम में मीडिया से बातचीत के दौरान जवाब देते हुए डोटासरा ने यहां तक कह दिया कि अगर हमारे सदन में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली इस्तीफा देने को कहेंगे, तो मैं अपना इस्तीफा देने को तैयार हूं। विधानसभा का सदन राजस्थान के लोगों के मुद्दे उठाने के लिए है, इसलिए सत्ता पक्ष को हाउस का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए।
देवनानी के घर पर खेद प्रकट करने को तैयार हूं- डोटासरा
विधानसभा में बजट सत्र के दौरान डोटासरा और देवनानी के बीच जमकर व्यंग बाण चले। मंत्री अविनाश गहलोत के ‘दादी’ बयान पर डोटासरा स्पीकर की डायस के करीब पहुंचे, जहां उन्होंने हंगामा किया। जिसके बाद उन्हें सस्पेंड भी कर दिया गया। इधर, देवनानी डोटासरा के बयानों से व्यथित होकर विधानसभा में फफक पड़े। डोटासरा ने सफाई देते हुए कहा कि ‘देवनानी उनके बड़े भाई जैसे हैं, अगर उन्हें कोई भ्रम है, तो मैं उनके घर जाकर खेद प्रकट करने को तैयार हूं। उन्होंने कहा कि हम एक दूसरे के पारिवारिक आयोजनों, सुख-दुख में आते जाते हैं। मेरे मन में उनके प्रति कोई दुर्भावना नहीं है।
देवनानी भी तो सस्पेंड हो चुके हैं- डोटासरा
डोटासरा ने स्पीकर देवनानी के बयान का जवाब देते हुए कहा कि वह कहते हैं कि मैं विधानसभा में आने लायक नहीं हूं, विधायक बनने लायक नहीं हूं, तो मुझे वह सर्टिफिकेट देने वाले कौन है? उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि हमारी सरकार के दौरान जब स्पीकर सीपी जोशी थे, तब वासुदेव देवनानी को भी डायस के करीब आने के कारण सस्पेंड किया गया था। उस समय के प्रतिपक्ष नेता गुलाबचंद कटारिया और देवनानी ने भी खेद प्रकट नहीं किया था, लेकिन मैं तो फिर भी खेद प्रकट कर चुका हूं।
