11.1 C
London
Monday, May 18, 2026
Homeराज्य'जातीय जनगणना के बाद बम फूटेगा और सवर्ण आसमान में चले जाएंगे',...

‘जातीय जनगणना के बाद बम फूटेगा और सवर्ण आसमान में चले जाएंगे’, पूर्व सांसद बृज भूषण सिंह ने क्यों कही, जानें

Published on

औरंगाबाद

भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व सांसद बृज भूषण शरण सिंह ने महिला उत्पीड़न, दहेज उत्पीड़न और दलित उत्पीड़न कानून पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि देश इन तीन कानून से बहुत परेशान है। इतना ही नहीं, बृजभूषण सिंह ने जातीय जनगणना के सवाल पर भी नाराज हो गए। औरंगाबाद में जातीय जनगणना के सवाल पूछने पर पत्रकारों पर ही भड़क उठे और कह डाला कि जातीय जनगणना का बम फूटेगा और सवर्ण आसमान में चले जाएंगे।

जातीय जनगणना के सवाल पर भड़के पूर्व सांसद
उन्होंने कहा कि पूरा देश जातीय जनगणना चाहता है। यह मांग पहले बिहार और उतर प्रदेश से शुरू हुई। कुछ लोग इसे लेकर हाय तौबा मचा रहे हैं। उन्होंने भड़कते हुए कहा कि हौव्वा बनाने वालों को लगता है कि जातीय जनगणना होने पर बम फूटेगा और सारे सवर्ण देश से बाहर हो जाएंगे। हमारे लिए अलग देश बनेगा, हम आसमान में चले जाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि मुझे राजपूत का नेता नहीं मानिए, इससे उन्हें दुःख होता है। वे सर्व समाज की बात करते हैं और सर्व समाज के नेता हैं।

दहेज, महिला और दलित उत्पीड़न कानून समाप्त हो
उन्होंने कहा कि देश से तीन कानूनों को हटा देना चाहिए।अपने ऊपर लगे यौन शोषण के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि दहेज उत्पीड़न, एससी/एसटी और यौन उत्पीड़न जैसे कानून तो बनाए गए थे संबंधित लोगों के संरक्षण के लिए, मगर वही लोग अब अपने विरोधियों को परास्त करने के लिए इन कानूनों का दुरुपयोग करने लगे हैं, जो कि पूरी तरह से अनुचित है। उन्होंने कहा कि या तो इन्हें खत्म कर देना चाहिए या फिर इसके दुरुपयोग पर रोक लगाने की कोशिश होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मेरे ऊपर यौन शोषण का जो आरोप लगे हैं वह पूरी तरह से बेबुनियाद हैं।

इससे पहले उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेता बृजभूषण सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को सराहा। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और युद्ध विराम के बाद किंतु-परंतु की राजनीति को लेकर विपक्ष पर बड़ा हमला बोला। ऑपरेशन सिंदूर देश के लिए गर्व की बात है। इसे लेकर सारे दलों के नेताओं ने सरकार का साथ दिया था। इसे लेकर किसी तरह की किंतु-परंतु की राजनीति नहीं होनी चाहिए थी, लेकिन युद्ध विराम के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रोज बयानबाजी को लेकर किंतु-परंतु की राजनीति की जा रही है।

कुछ लोगों को लगता है कि युद्ध विराम नहीं होना चाहिए। जो लोग मानते हैं कि युद्ध ही सभी समस्या का हल है। ऐसे लोगों को मैं कहना चाहता हूं कि 1971 में जब 62 हजार पाकिस्तानी सैनिक युद्ध बंदी बना लिए गए थे, तो उस वक्त युद्ध बंदियों को छोड़ने के मामले पर पाक अधिकृत कश्मीर(पीओके) लेने की शर्त क्यों नहीं लगाई। उस वक्त कह देते कि या तो पीओके दो तभी सैनिक मिलेंगे लेकिन उस वक्त ऐसा क्यो नहीं कहा?

Latest articles

महंगाई का झटका: भोपाल समेत मप्र में CNG ₹3 महंगी, दो महीने में ₹5 तक बढ़े दाम

​शनिवार रात से लागू हुईं नई दरें, भोपाल में अब ₹93.75 प्रति किलो पहुंचे...

​भोपाल में दर्दनाक हादसा: तीसरी मंजिल से गिरकर पशु चिकित्सक की पत्नी की मौत

​निशातपुरा के संजीव नगर कॉलोनी की घटना, फोन पर बात करने के दौरान बिगड़ा...

भोपाल में सनसनीखेज वारदात: लिव-इन पार्टनर पर हथौड़े से हमला कर खुदकुशी की कोशिश

​पिपलानी थाना क्षेत्र के सोनागिरि की घटना ​भोपाल। पिपलानी थाना क्षेत्र में रविवार सुबह एक...

पर्यटन यात्रा और होटल प्रबंधन सहित सभी पारंपरिक विषयों में सहशिक्षा अध्ययन सुविधा

वाणिज्य और राजनीतिविज्ञान में पीएच डी हेतु शोध केन्द्र भोपाल। बाबूलाल लाल गौर शासकीय स्नातकोत्तर...

More like this

लखपति दीदी मंजू की संघर्षगाथा बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल, सीएम साय ने लेमरू में चखा गुपचुप

रायपुर। राज्य सरकार के 'सुशासन तिहार' कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कोरबा...

सीएम भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज उन्नति’ की 5वीं उच्च स्तरीय बैठक संपन्न

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अभिनव पहल ‘राजस्थान यूनिफाइड नेटवर्क फॉर न्यू एक्शन’ (राज...

पूर्व उपराष्ट्रपति स्व. भैरोंसिंह शेखावत को मुख्यमंत्री भजनलाल ने अर्पित की श्रद्धांजलि

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने देश के पूर्व उपराष्ट्रपति और प्रदेश के...