नई दिल्ली
ट्विटर के बाद दिग्गज सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक भी बड़े पैमाने पर छंटनी की तैयारी कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक हजारों कर्मचारियों की छंटनी शुरू होने जा रही है। इसकी शुरुआत बुधवार से हो रही है। कंपनी दुनियाभर में 12,000 कर्मचारियों को बाहर कर सकती है। मेटा में अभी करीब 87,000 कर्मचारी काम करते हैं। इससे पहले ट्विटर ने शुक्रवार को दुनियाभर में 3700 कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया था। इसके बाद कंपनी के कर्मचारियों की संख्या आधी रह गई है। दुनिया के सबसे बड़े रईस एलन मस्क ने अक्टूबर के अंत में ट्विटर को खरीदने की डील पूरी की थी। उसके बाद कंपनी ने आधे कर्मचारियों को निकाल दिया।
मस्क के बाद अब मेटा प्लेटफॉर्म के सीईओ मार्क जकरबर्ग ( भी बड़े पैमाने पर छंटनी की तैयारी कर रहे हैं। इस साल कंपनी के शेयरों में करीब 73 फीसदी भारी गिरावट आई है। फेसबुक (अब मेटा प्लेटफॉर्म्स) को टिकटॉक (TikTok) और यूट्यूब (YouTube) जैसे प्लेटफॉर्म्स से कड़ी टक्कर मिल रही है। करीब 18 साल पुरानी इस कंपनी से यूजर्स टिकटॉक और यूट्यूब की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं। इस कारण कंपनी का रेवेन्यू बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस साल कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट आई है। कंपनी ने पहले ही नई भर्तियों पर रोक लगा दी थी और अब वह बड़े पैमाने पर छंटनी करने जा रही है।
जकरबर्ग की नेटवर्थ
जकरबर्ग के पास मेटा प्लेटफॉर्म्स के करीब 16.8 फीसदी शेयर हैं। फेसबुक के रेवेन्यू में 97 फीसदी से अधिक हिस्सा विज्ञापनों से आता है। कंपनी के शेयरों में गिरावट से जकरबर्ग की नेटवर्थ में भी भारी गिरावट आई है। कभी वह दुनिया के अमीरों की लिस्ट में तीसरे नंबर पर थे लेकिन अब 29वें नंबर पर खिसक गए हैं। इस साल उनकी नेटवर्थ में 90.3 अरब डॉलर की गिरावट आई है और यह 35.2 अरब डॉलर रह गई है। शेयरों में गिरावट से फेसबुक का मार्केट कैप भी बुरी तरह गिरा है। इस साल कंपनी की मार्केट वैल्यू में 500 अरब डॉलर की गिरावट आ चुकी है।
कंपनी ने मई में ही इंजीनियरों और डेटा साइंटिस्ट्स की हायरिंग बंद कर दी थी। जुलाई में जकरबर्ग ने कर्मचारियों से कहा था कि उनके लिए अगले 18 से 24 महीने चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। तब उन्होंने मैनेजरों से कमजोर परफॉर्म करने वाले कर्मचारियों की पहचान करने को कहा था। फेसबुक में पहली बार छंटनी होने जा रही है। कई वर्षों तक इस कंपनी ने रेकॉर्ड ग्रोथ दर्ज की और निवेशकों की जबरदस्त रिटर्न दिया। यही वजह है कि वह वॉल स्ट्रीट की चहेती बनी हुई थी।लेकिन इस साल कंपनी की तिमाही रिपोर्ट्स अच्छी नहीं रही हैं। फेसबुक अपने मेटावर्स प्रॉडक्ट्स को भी आक्रामक तरीके से प्रमोट कर रही है। इससे भी कंपनी का फाइनेंस प्रभावित हुआ है।
