नई दिल्ली
थाईलैंड के फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया में सवार 144 यात्रियों को कई गड़बड़ियों की वजह से करीब तीन दिनों तक फुकेत में ही फंसे रहना पड़ा। एआई-377 नंबर की यह फ्लाइट 16 नवंबर की शाम को फुकेत से दिल्ली एयरपोर्ट के लिए टेक ऑफ करना था। लेकिन पहले एयरक्राफ्ट में कुछ तकनीकी खामी आ गई, फिर प्लेन को उड़ाने वाले पायलट और क्रू का डयूटी टाइम खत्म हो गया। इस वजह से तमाम यात्री 16 नवंबर की रात को थाइलैंड में ही फंसे रहे।
इसके अगले दिन भी यात्रियों को लेकर जब फ्लाइट ने टेक ऑफ किया तो फिर करीब ढाई घंटे बाद फ्लाइट को वापस थाइलैंड लैंड करना पड़ा, कारण था प्लेन में आई फिर से कोई तकनीकी खामी। खबर लिखे जाने तक भी इस फ्लाइट में फंसे सारे यात्री भारत नहीं आ पाए हैं। अभी भी 35 यात्री वहीं थाइलैंड में फंसे हुए हैं। हालांकि, इस मामले में एयर इंडिया का तर्क है कि 16 नवंबर को फुकेट से दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाले फ्लाइट के लेट होने की वजह से यात्रियों को हुई असुविधा के लिए हमें खेद है।
यात्रियों को वैकल्पिक उड़ानों से भेजा गया
यह उड़ान तकनीकी खराबी के कारण रद्द कर दी गई थी। वैसे, स्टाफ ने यात्रियों की परेशानी को कम करने का हर संभव प्रयास किया। जिसमें होटल में ठहरने और भोजन की व्यवस्था समेत सभी प्रकार की सहायता प्रदान की गई। कुछ यात्रियों को वैकल्पिक उड़ानों में भी भेजा गया। एयर इंडिया का कहना है कि इस फ्लाइट के 109 यात्रियों को भारत लाया जा चुका है। 35 यात्री भी जल्द यहां आ जाएंगे।
तकनीकी गड़बड़ी से अनजान यात्री
मामले में बताया गया कि यह फ्लाइट 16 नवंबर की रात को फुकेत से दिल्ली आनी थी। शुरूआत में 6 घंटे तक यात्रियों को यह बताया ही नहीं गया कि प्लेन में कोई तकनीकी खामी आ गई है। फिर यात्रियों को प्लेन में बोर्ड कराया गया। लेकिन एक घंटे बाद फिर से उन्हें उतार दिया गया। कारण पता लगा तो बताया गया कि पायलट के डयूटी टाइम खत्म हो रहे हैं।
…फिर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी
इसके अगले दिन फ्लाइट को फिर से टेक ऑफ कराया गया। लेकिन करीब ढाई घंटे हवा में रहने के बाद फिर फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। इसके बाद अन्य फ्लाइट से यात्रियों को किसी तरह से दिल्ली लाया जा रहा है। वहां फंसे 35 यात्रियों को भी एक-दो दिनों में दिल्ली लाया जाएगा। यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए एयर इंडिया मैनेजमेंट की लापरवाही को इसका जिम्मेदार ठहराया।
