एलन मस्क की तरफ से सैटेलाइट नेटवर्क लाया जा रहा है। कुछ दिन पहले खबर आई थी कि मस्क ने 1 हजार एयरक्राफ्ट्स में सैटेलाइट इंटरनेट की शुरुआत भी की थी। स्टारलिंक की तरफ से ये पहल की गई थी। वहीं, दूसरी तरफ चीन इससे अलग सोच रहा है क्योंकि चीन की तरफ से अपना सैटेलाइट नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। दरअसल चीन का इस पर सोचना है कि वह बिल्कुल भी सैटेलाइट नेटवर्क के लिए अमेरिका पर निर्भर नहीं रह सकता है।
अब इस बीच एक ऐसी खबर निकलकर सामने आई है जो किसी को भी हैरान कर देगी। चीन ने अपना सैटेलाइट नेटवर्क लॉन्च कर दिया है। आज हम आपको इससे संबंधित ही जानकारी देने वाले हैं। साथ ही ड्रैगन की आगे की रणनीति के बारे में भी बताएंगे। इसके अलावा एलन मस्क और चीन के सैटेलाइट इंटरनेट के बीच अंतर भी बताएंगे। दरअसल दोनों कंपनियों की इसको लेकर रणनीति बिल्कुल अलग है। अभी तक अमेरिका की तरफ से सैटेलाइट नेटवर्क पर धाक जमाने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन अब चीन भी इसमें उतर आया है और सीधी चुनौती दे दी है। ये कोई पहली बार नहीं जब अमेरिका और चीन किसी मुद्दे पर आमने-सामने नजर आ रहे हैं।
चीन की एंट्री-
चीन ने अपनी रणनीति को आकार दे दिया है और आखिरकार एक सैटेलाइट को उतार दिया गया है। ये बैच मिसाइलों के साथ गया है और इसमें स्टारलिंक को टारगेट करने के उद्देश्य से तैयार भी किया गया है। चीन के अखबार ने खुद इस बात की पुष्टि की है और उन्होंने बताया है कि चीन ने सैटेलाइट कनेक्शन की तरफ अपने पैर बढ़ा दिए हैं।
चीन के लिए मील का पत्थर-
स्टारलिं के लिए ये मील का पत्थर साबित हुआ है। अभी स्टारलिंक की करीब 5500 सैटेलाइट हैं और ये कंज्यूमर्स, कंपनी और सरकारी एजेंसियों को सैटेलाइट नेटवर्क प्रोवाइड करवा रही है। अब चीन की नजर इस पर है और चीन चाहता है कि वह भी इसकी तरफ अपना कदम बढ़ाए और एलन मस्क की कंपनी को सैटेलाइट की मार्केट में सीधी टक्कर दे। चीन की तरफ से इसे देखते हुए ही नया बैच तैयार किया गया है।
क्या जरूरी है सैटेलाइट नेटवर्क?
अब अगर बात करें कि किसी भी देश के लिए सैटेलाइट नेटवर्क क्यों जरूरी है तो इसके लिए एक सीधी बात ये समझने वालीहै कि ये एक ऐसा नेटवर्क है जो कहीं पर भी काम कर सकता है। यानी युद्ध की स्थिति से लेकर प्राकृतिक आपदा तक में इसका अहम रोल होने वाला है। जिस भी देश के पास ये नेटवर्क होगा, वह एक प्रकार से दुनिया पर राज कर सकता है। वर्ल्ड पावर बनने के लिए चीन की तरफ से लगातार ऐसे कदम उठाए भी जा रहे हैं। यही वजह है कि इसे वॉशिंगटन पोस्ट ने ‘ड्रैगन पावर’ तक का नाम दे दिया है।
किस कंपनी ने किया लॉन्च?
Shanghai Spacecom Satellite Technology (SSST) ने इसे लॉन्च किया है। इसे Taiyuan सैटेलाइट लॉन्च सेंटर से लॉन्च किया गया है। ये चीन का सबसे अहम सेंटर है जहां से मिसाइल और सैटेलाइट लॉन्च की जाती है। ये जानकारी चीन सिक्योरिटी जनरल की तरफ से दी गई है। ऐसा ही एक प्लान स्टारलिंक की तरफ से लाया गया है, जिसमें सैटेलाइट को बैच में लॉन्च किया जाना था। अब चीन ने भी ऐसा करना शुरू कर दिया है।
