नई दिल्ली,
दुनिया के सबसे अमीर इंसान एलन मस्क ऑफिस में ही रातें गुजार रहे हैं. ऐसा हम नहीं बल्कि वो खुद कह रहे हैं. मस्क ने सोमवार को अपने एक ट्वीट में बताया कि वे सैन फ्रांसिस्को स्थित ट्विटर हेडक्वार्टर में ही सो रहे हैं. उनका ये ट्वीट उन खबरों के बाद सामने आया है, जिनमें कहा गया कि ट्विटर कर्मी नए बॉस के खौफ के चलते ऑफिस में ही सोने को मजबूर हैं.
Musk इसलिए ऑफिस में सो रहे
बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट के मुताबिक, Twitter की कमान संभालने के बाद से ही एलन मस्क (Elon Musk) इसे नया रूप देने के लिए एक के बाद एक बदलावों को लेकर चर्चा में हैं. उनके कुछ फैसलों की आलोचनाएं भी हुईं. ऐसी खबरें आई थीं कि मस्क के ऑपरेशन क्लीन से बचने के लिए कंपनी के कर्मचारी रात में ऑफिस में ही सो रहे हैं. लेकिन कर्मचारियों की बात तो छोड़िए अब ट्विटर के बॉस ने भी कबूल किया है कि वो खुद ऑफिस में रातें गुजार रहे हैं. इसकी वजह बताते हुए उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, ‘मैं ट्विटर हेडक्वार्टर में सो रहा हूं, जब तक कि कंपनी में सब-कुछ ठीक नहीं हो जाता.’ हालांकि, इस ट्वीट को बाद में डिलीट भी कर दिया गया.
टेकओवर के बाद Viral हुई थीं तस्वीरें
माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर की कमान संभालने के बाद एलन मस्क ने एक के बाद एक बड़ी छंटनी (Layoff) की और इस बीच जो कर्मचारी कंपनी में बचे उन्हें वर्क डेडलाइन दे दी. सोशल मीडिया कंपनी के टेकओवर के हफ्तेभर बाद ही एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही थी, जिसमें कथित तौर पर एक ट्विटर अधिकारी को ऑफिस में ही स्लीपिंग बैग में सोता हुआ दिखाया गया था. हालांकि, ये फोटो कब और ट्विटर के किस ऑफिस का था ये कहना मुश्किल है.
सप्ताह में 80 घंटे काम जरूरी
ट्विटर टेकओवर के बाद एलन मस्क ने ताबड़तोड़ जो आदेश जारी किए वो कंपनी में काम कर रहे कर्मचारियों पर पहाड़ी टूटने के समान रहे. ट्विटर के आधे वर्कफोर्स की छंटनी के तुरंत बाद मस्क ने एक और फरमान बीते दिनों जारी किया था. इसमें उन्होंने सख्त लहजे में कहा था कि कंपनी के कर्मचारियों को अब सप्ताह में 80 घंटे काम करने के लिए तैयार रहना होगा. यानी हर दिन 16 घंटे काम करना होगा. इसके साथ ही एलन मस्क ने वर्क फ्रॉम होम की सुविधा पर ब्रेक लगाने का फैसला भी किया था.
44 अरब में ट्विटर का टेकओवर
Forbes की रियल टाइम बिलेनियर्स लिस्ट के मुताबिक, 196.5 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ दुनिया के सबसे रईस एलन मस्क ने अक्टूबर में ट्विटर डील को फाइनल किया था. डेलावेयर कोर्ट के आदेश के मुताबिक, उन्होंने मौजूदा शर्तों के आधार पर ही 44 अरब डॉलर में ट्विटर का टेकओवर किया था. कंपनी की कमान अपने हाथ में लेने के साथ ही उन्होंने सीईओ पराग अग्रवाल समेत तीन वरिष्ठ अधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया था.
