मशहूर तबला वादक और म्यूजिक कंपोजर जाकिर हुसैन का निधन हो गया है। 73 वर्षीय जाकिर हुसैन का सैन फ्रांसिस्को में इलाज चल रहा था और वहीं पर उन्होंने आखिरी सांस ली। जाकिर हुसैन की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वह आईसीयू में भर्ती थे और हालत बिगड़ रही थी। पिछले हफ्ते भी वह अस्पताल में भर्ती रहे थे। जाकिर हुसैन को दिल की बीमारी थी।
तीन ग्रैमी अवॉर्ड जीत चुके जाकिर हुसैन ने एक्टर भी थे। उन्होंने 12 फिल्मों में काम किया था। Ustad Zakir Hussain ने शशि कपूर के साथ साल 1983 में आई ब्रिटिश फिल्म ‘हीट एंड डस्ट’ में काम किया था। यह उनकी एक्टिंग डेब्यू फिल्म थी। इसके अलावा वह साल 1998 में आई फिल्म ‘साज’ में नजर आए। इसमें शबाना आजमी ने उनकी प्रेमिका का रोल प्ले किया था।
जाकिर हुसैन के पिता भी थे तबला प्लेयर, जीते थे ये सम्मान
9 मार्च 1951 को जन्मे जाकिर हुसैन ने अपने करियर में तीन ग्रैमी अवॉर्ड ही नहीं जीते थे, बल्कि उन्हें पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण से भी नवाजा गया था। उनके पिता उस्ताद अल्लाह रक्खा कुरैशी भी तबला वादक थे। जाकिर हुसैन ने पढ़ाई पूरी करने के बाद संगीत की दुनिया में आ गए। उनका रुझान बचपन से ही तबले की धुन की ओर हो गया था।
11 साल की उम्र में किया था पहला कॉन्सर्ट
जाकिर हुसैन ने 11 साल की उम्र में अमेरिका में अपना पहला कॉन्सर्ट करके सबको हैरान कर दिया था। उन्होंने 12 साल की उम्र से ही पिता के साथ कॉन्सर्ट में जाना शुरू कर दिया था। जाकिर हुसैन की अमेरिका में भी तूती बोलती थी। साल 2016 में उन्हें अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ऑल स्टार ग्लोबल कॉन्सर्ट में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया था। इसमें शामिल होने वाले जाकिर हुसैन पहले भारतीय संगीतकार रहे।
जाकिर हुसैन की पत्नी और बेटियां
पर्सनल लाइफ की बात करें तो उस्ताद जाकिर हुसैन ने Antonia Minnecola से शादी की थी, जो एक कथक डांसर और टीचर होने के साथ ही उनकी मैनेजर भी हैं। उनकी दो बेटियां हैं।
कौन थे जाकिर हुसैन?
बता दें कि जाकिर हुसैन का जन्म 9 मार्च 1951 को मुंबई में हुआ था. साल 1988 में जाकिर हुसैन को पद्म श्री, साल 2002 में पद्म भूषण और साल 2023 में पद्म विभूषण से नवाजा गया था. तीन बार जाकिर हुसैन ग्रैमी अवॉर्ड भी जीत चुके थे. उनके पिता का नाम उस्ताद अल्लाह रक्खा कुरैशी था जो पेशे से तबला वादक ही थे. मां का नाम बीवी बेगम था. जाकिर हुसैन ने मुंबई के माहिम स्थित सेंट माइकल स्कूल से पढ़ाई की थी. ग्रेजुएशन, मुंबई के सेंट जेवियर्स कॉलेज से की. 11 साल के जाकिर हुसैन थे, जब उन्होंने पहली बार ऑडियन्स के सामने परफॉर्म किया था. वो भी अमेरिका में. 1973 में उन्होंने अपना पहला एल्बम ‘लिविंग इन द मैटेरियल वर्ल्ड’ लॉन्च किया था.
जाकिर को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ऑल-स्टार ग्लोबल कॉन्सर्ट में पार्टीसिपेट करने के लिए व्हाइट हाउस में इनवाइट किया था. सिर्फ इतना ही नहीं, जाकिर काफी टैलेंटेड थे. तबला वादक होने के साथ-साथ इन्होंने कई फिल्में भी की थीं. जाकिर पेशे से एक्टर भी थे. 12 फिल्में कर चुके थे.
जाकिर की पहली कमाई थी 5 रुपये
जाकिर हुसैन को तबला बजाने का शौक इतना था कि वो उनके हाथ अगर कोई बर्तन भी लगता तो उसी में से वो धुन निकालने लगते थे. जाकिर जब 12 साल के थे तो वो अपने पिता के साथ एक कॉन्सर्ट में गए थे. वहां वो पंडित रविशंकर, उस्ताद अली अकबर खान, बिस्मिल्लाह खान, पंडित शांता प्रसाद और पंडित किशन महाराज से मिले. जब जाकिर, अपने पिता के साथ स्टेज पर परफॉर्म कर रहे थे तो उन्हें देखकर हर कोई चौंक गया था. परफॉर्मेंस खत्म होने के बाद जाकिर को 5 रुपए मिले थे. एक इंटरव्यू में जाकिर ने कहा था कि मैंने अपने जीवन में बहुत पैसे कमाए, लेकिन वो 5 रुपए मेरे लिए सबसे ज्यादा कीमती थे
