12.5 C
London
Tuesday, March 24, 2026
HomeUncategorizedपहला उद्योग रत्न पुरस्कार रतन टाटा के नाम, खुद देने पहुंचे CM,...

पहला उद्योग रत्न पुरस्कार रतन टाटा के नाम, खुद देने पहुंचे CM, कहा- इनका बड़ा योगदान

Published on

नई दिल्ली,

देश के दिग्गज उद्योगपति और टाटा संस के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा को महाराष्ट्र सरकार ने ‘उद्योग रत्न’ पुरस्कार से सम्मानित किया है. महाराष्ट्र सरकार ने पहला ‘उद्योग रत्न’ पुरस्कार 85 वर्षीय रतन टाटा को दक्षिण मुंबई के कोलाबा स्थित उनके आवास पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजीत पवार ने प्रदान किया. इस सम्मान में महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (MIDC) की ओर से एक शॉल, एक प्रशस्ति पत्र और एक स्मृति चिन्ह शामिल था.

‘टाटा विश्वास का प्रतीक’
रतन टाटा को सम्मानित करने के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि रतन टाटा को ‘उद्योग रत्न’ के रूप में सम्मानित करने से पुरस्कार की प्रतिष्ठा बढ़ गई है. उन्होंने कहा कि सभी क्षेत्रों में टाटा समूह का योगदान बहुत बड़ा है और टाटा विश्वास का प्रतीक है. पुरस्कार पाने के बाद 85 वर्षीय रतन टाटा ने सभी को धन्यवाद दिया. महाराष्ट्र सरकार ने पिछले 28 जुलाई को महाराष्ट्र उद्योग रत्न पुरस्कार रतन टाटा को देने का ऐलान किया था.

ऑस्ट्रेलिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान
इसी साल अप्रैल में रतन टाटा को ऑस्ट्रेलिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ऑर्डर ऑफ ऑस्ट्रेलिया से सम्मानित किया गया था. Tata Group को आसमान की बुलंदियों पर पहुंचाने वाले रतन टाटा देश के अमीरों में शामिल हैं और उनकी संपत्ति करीब 4,000 करोड़ रुपये है. मार्च 2023 में आई IIFL Wealth Hurun India Rich List 2022 में Ratan भारतीय अमीरों की लिस्ट में 421वें नंबर पर थे. वहीं इससे पिछले साल यानी 2021 की रिपोर्ट में उन्हें 3,500 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ 433 पायदान पर रखा गया था.

1991 में संभाला था कारोबार
बड़े कारोबारी ग्रुप की कमान संभालने से पहले रतन टाटा (Ratan Tata) ने एक कर्मचारी की तरह 70 के दशक में टाटा स्टील (Tata Steel), जमशेदपुर में काम किया. बारीकियां समझीं और फिर अपनी मेहनत और काबिलियत की दम पर टाटा के कारोबार को बुलंदियों पर पहुंचाया. रतन टाटा ने 1991 में पूरे ग्रुप की कमान अपने हाथों में ली थी.

बड़े दानदाताओं में शामिल रतन टाटा
रतन टाटा की गिनती देश के सबसे परोपकारी लोगों में की जाती है. इसका कारण ये है कि टाटा ट्रस्ट के माध्यम से वे बड़े पैमाने पर परोपकारी कार्यों से जुड़े रहते हैं और वे अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा परोपकार में दान या खर्च कर देते हैं. रिपोर्ट्स की मानें तो रतन टाटा अपनी कमाई का 60 से 70 फीसदी तक दान कर देते हैं, उन्होंने ने कोरोना महामारी के समय करीब 1500 करोड़ रुपये दान किए थे.

Latest articles

बीएचईएल के ट्रांसफॉर्मर ब्लॉक में दो अधिकारियों के बीच मारपीट, दोनों निलंबित

भोपाल स्थित भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) के ट्रांसफॉर्मर ब्लॉक में सोमवार को दो...

हर घर जल’ की दिशा में राजस्थान का ऐतिहासिक कदम, JJM 2.0 में एमओयू करने वाला देश का पहला राज्य बना

जयपुर । प्रदेश ने ‘हर घर जल’ के लक्ष्य को नई गति देते हुए एक...

More like this

समय पर खर्च करें केंद्रीय निधि, ताकि विकास की गति बनी रहे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के विकास में केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं...

मप्र में टैक्स फ्री हुई फिल्म ‘शतक’ — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले— राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भर भारत का देती है संदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी फिल्म ‘शतक’ को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ की दूसरी बैठक — 84,282 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई...

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ कार्यक्रम की दूसरी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित...