11.5 C
London
Friday, March 13, 2026
HomeUncategorizedब्रिटेन में नौकरी पाना होगा मुश्किल, विदेशी वर्कर्स की आबादी कम करने...

ब्रिटेन में नौकरी पाना होगा मुश्किल, विदेशी वर्कर्स की आबादी कम करने का प्लान, जानें क्या होगा असर

Published on

ब्रिटेन में नौकरी और पढ़ाई के लिए जाने की तैयारी कर रहे भारतीयों की परेशानी बढ़ने वाली है। ब्रिटेन में विदेशी लोगों की आबादी बढ़ती जा रही है और अब सरकार इसे कम करने का प्लान कर रही है। दरअसल, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने देश में आने वाले लोगों की संख्या कम करने की योजना बनाई है। उन्होंने कहा है कि वह पॉइंट्स-बेस्ड इमिग्रेशन सिस्टम में बदलाव करेंगे। पीएम ने ब्रिटिश वर्कर्स को ट्रेनिंग देने और विदेशी कामगारों पर निर्भरता कम करने पर जोर दिया।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री की तरफ से नए इमिग्रेशन प्लान का ऐलान ऐसे समय पर किया गया है, जब हाल ही में विदेशी लोगों की संख्या को लेकर एक नया आंकड़ा सामने आया है। इसमें बताया गया है कि जून 2023 तक नेट माइग्रेशन 9,06,000 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। नेट माइग्रेशन का मतलब है कि देश छोड़ने वालों की तुलना में देश में आने वालों की संख्या कितनी ज्यादा है। ये दिखाता है कि ब्रिटेन में लाखों की संख्या में विदेशी नागरिक हैं, जो यहां की कंपनियों में नौकरी कर रहे हैं।

कंजर्वेटिव सरकार पर लगाया इमिग्रेशन बढ़ाने का आरोप
स्टारमर ने पिछली कंजर्वेटिव सरकार की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि पुरानी सरकार की नीतियों की वजह से विदेशी लोगों की संख्या बढ़ी है। पीएम ने इस बढ़ोतरी के लिए कुप्रबंधन और ब्रेक्जिट से जुड़े फैसलों को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा, “इस पैमाने पर विफलता सिर्फ दुर्भाग्य नहीं है, ब्रेक्जिट का इस्तेमाल ब्रिटेन को खुली सीमाओं वाले ‘एक राष्ट्र के प्रयोग’ में बदलने के लिए किया गया था।” मतलब ब्रेक्जिट के बाद बहुत से लोग ब्रिटेन आने लगे, जिससे समस्याएं बढ़ीं।

इमिग्रेशन को लेकर क्या सुधार होंगे?
प्रधानमंत्री ने पॉइंट्स-बेस्ड सिस्टम के तहत वीजा नियमों में बदलाव के कदम बताए। यह सिस्टम कंजर्वेटिव सरकार ने 2021 में शुरू किया था। इस सिस्टम में लोगों को उनकी स्किल और क्वालिफिकेशन के आधार पर वीजा मिलता है। स्टारमर ने कहा कि बदलाव उन इंडस्ट्रीज को टारगेट करेंगे जो इमिग्रेशन पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं। उन इंडस्ट्रीज को स्थानीय वर्कर्स को ट्रेंड करने में निवेश करना होगा।

स्टारमर ने कहा, “स्किल्ड वर्कर रूट या शॉर्टेज ऑक्यूपेशन लिस्ट के लिए आवेदनों के साथ अब हमारे देश में लोगों को ट्रेनिंग करने की नई उम्मीदें जुड़ी होंगी।” मतलब, अगर कंपनियां विदेशी कामगार रखना चाहती हैं, तो उन्हें पहले ब्रिटिश लोगों को ट्रेनिंग देनी होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा न करने वाली कंपनियों पर विदेशी कामगारों को रखने पर प्रतिबंध लग सकता है। इस वजह से अब विदेशी लोगों के लिए नौकरी ढूंढना मुश्किल हो जाएगा।

Latest articles

समय पर खर्च करें केंद्रीय निधि, ताकि विकास की गति बनी रहे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के विकास में केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं...

ईरान जंग का असर: देश में रसोई गैस का हाहाकार, ब्लैक में 1800 तक पहुंचा घरेलू सिलेंडर

मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के बाद भारत में रसोई गैस की भारी किल्लत...

शादी के लिए पुजारी का अपहरण कर वसूले 50 हजार, मंडप से गिरफ्तार हुआ गैंग सरगना ‘भूरा हड्डी’

भोपाल जधानी की कोहेफिजा पुलिस ने पुजारी के अपहरण और अवैध वसूली के मामले में...

एमपी में बेटियां आजीवन पूजी जाती हैं: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नारी शक्ति के सम्मान और उनके...

More like this

समय पर खर्च करें केंद्रीय निधि, ताकि विकास की गति बनी रहे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के विकास में केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं...

मप्र में टैक्स फ्री हुई फिल्म ‘शतक’ — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले— राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भर भारत का देती है संदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी फिल्म ‘शतक’ को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ की दूसरी बैठक — 84,282 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई...

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ कार्यक्रम की दूसरी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित...