नई दिल्ली
अमेरिकी रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग का नाम साल 2023 की शुरुआत से ही सुर्खियों में है. बीते 24 जनवरी को अडानी ग्रुप को लेकर इस फर्म ने जो रिपोर्ट पब्लिश की, उसने गौतम अडानी के साम्राज्य को हिलाकर रख दिया. इसका असर अभी भी देखा जा रहा है, इसकी वजह से दुनिया के टॉप-10 अमीरों में शामिल रहे अडानी की संपत्ति 60 फीसदी डूब गई. अब ये शॉर्ट सेलर फर्म एक और बड़ा खुलासा करने की तैयारी है. हिंडनबर्ग के ट्वीट में लिखा है, ‘Another Big One…’.
हिंडनबर्ग के Tweet में क्या लिखा?
Adani Gorup को धराशायी करने के बाद अब हिंडनबर्ग के निशाने पर कौन का बड़ा कॉरपोरेट ग्रुप है या फिर कौन सा अरबपति? इस बात का खुलासा नहीं किया गया है. 23 मार्च को Hindenburg फर्म के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से जो ट्वीट किया गया है, उसमें लिखा है, ‘एक नई और बड़ी रिपोर्ट जल्द….’. शॉर्ट सेलर फर्म के इस ट्वीट ने चिंता इसलिए भी बढ़ा दी है, क्योंकि ये ऐसे समय पर किया गया है जबकि दुनिया में बैंकिंग संकट गहराया हुआ है और एक के बाद एक बैंक डूबते जा रहे हैं.
दो बैंक डूबे, कई पर संकट
बैंकिंग संकट की बात करें तो एक ओर जहां अमेरिका में सिलिकॉन वैली बैंक (SVB) ढह गया है, तो सिग्नेचर बैंक को भी बंद कर दिया गया है. इसके अलावा अमेरिका के आधा दर्जन से ज्यादा बैंक पर डूबने का खतरा मंडरा रहा है, जिन्हें वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज (Moody’s) ने अंडर रिव्यू कैटेगरी में डाला हुआ है. इनमें फर्स्ट रिपब्लिक बैंक समेत अन्य बड़े नाम शामिल हैं. वहीं दूसरी ओर अमेरिका से शुरू हुई बैंकिंग सुनामी ने यूरोप के सबसे बड़े बैंकों में से एक क्रेडिट सुईस को भी अपनी जद में ले लिया है और उसका हाल भी बेहाल है.
अब तक 16 कंपनियों पर किए खुलासे
नाथन एंडरसन के नेतृत्व वाली शॉर्ट सेलर फर्म हिंडनबर्ग ने साल 2017 के बाद से अब तक दुनिया की करीब 16 कंपनियों में कथित गड़बड़ी को लेकर अपनी रिपोर्ट जारी की हैं. Adani Group पर निशाना लगाने से पहले साल 2022 में इसने ट्विटर इंक (Twitter Inc) को लेकर भी एक रिपोर्ट जारी की थी.
हिंडनबर्ग ने अडानी ग्रुप को लेकर पब्लिश की गई अपनी रिपोर्ट में स्टॉक मैनुपुलेशन से लेकर कर्ज तक को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे. हालांकि, अडानी ग्रुप की ओर से इसे खारिज किया गया था, लेकिन रिपोर्ट ने निवेशकों के सेंटिमेंट पर क्या असर डाला वो सभी के सामने हैं. महज दो महीने में ही गौतम अडानी ने अपनी संपत्ति का 60 फीसदी हिस्सा गवां दिया.
इन दिग्गज कंपनियों पर जारी हो चुकी रिपोर्ट
हिंडनबर्ग ने इससे पहले जिन कंपनियों को लेकर अपनी रिसर्च रिपोर्ट पब्लिश की है, उनमें ज्यादातर अमेरिकी फर्में शामिल हैं. शॉर्ट सेलर फर्म ने जिन बड़ी कंपनियों के खिलाफ खुलासे कर उन्हें बुरी तरह प्रभावित किया है, उनमें Nikola, SCWORX , Genius Brand, Ideanomic , Wins Finance, Genius Brands, SC Wrox, HF Food, Bloom Energy, Aphria, Riot Blockchain, Opko Health, Persing Gold, RD Legal, Twitter Inc जैसी कंपनियां शामिल हैं.
Nikola को बना दिया था कंगाल
अडानी ग्रुप से पहले Hindenburg की सबसे बड़ी रिसर्च अमेरिकी ऑटो सेक्टर की दिग्गज कंपनी निकोला को लेकर रही है. कंपनी को लेकर रिपोर्ट में किए गए खुलासों से ये कंपनी कंगाल हो गई थी. इसके शेयर 80 फीसदी से ज्यादा टूट गए थे. हिंडनबर्ग ने सबूतों के आधार पर निकोला कंपनी में कथित फर्जीवाड़े को उजागर किया था, इसके तुरंत बाद निकोला के फाउंडर ट्रेवर मिल्टन को कंपनी छोड़नी पड़ी थी. ये रिपोर्ट सितंबर 2020 में पब्लिश की गई थी.
रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों को संज्ञान में लेते हुए यूएस सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज कमीशन ने निकोला के मालिक के खिलाफ फ्रॉड का आपराधिक मुकदमा भी चलाया था और दोषी साबित होने पर मिल्टन को 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा जुर्माना भरना पड़ा था. जून 2020 में 2.77 लाख करोड़ रुपये की मार्केट वैल्यू वाली कंपनी हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद शेयरों में आई सुनामी में ऐसी वही थी, कि वैल्यूएशन गिरकर महज 11,000 करोड़ रुपये रह गई थी.
चौथे से 34वें नंबर पर खिसक गए थे अडानी
अडानी साम्राज्य पर हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के असर की बात करें तो नया साल शुरू होने से पहले Gautam Adani दुनिया के अमीरों की लिस्ट में चौथे पायदान पर काबिज थे और उनकी नेटवर्थ 120 अरब डॉलर के आस-पास थी. 24 जनवरी को रिसर्च फर्म ने रिपोर्ट पब्लिश की और अगले ही दिन यानी 25 जनवरी से अडानी की कंपनी के शेयरों में ऐसी सुनामी आई, जिसने दो महीनों में उन्हें पहले Billionaires List में टॉप-10 से बाहर किया, फिर टॉप-20 और टॉप-20 से भी निकाल दिया.
फरवरी के अंत तक वे अमीरों की लिस्ट में गिरकर 34वें पायदान पर पहुंच गए थे. हालांकि, अब अडानी के शेयरों में कुछ रिकवरी देखने को मिल रही है और वे 53 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ लिस्ट में 21वें नंबर पर पहुंच गए हैं.
