21.2 C
London
Monday, April 27, 2026
HomeUncategorizedअगर भारत में किसी कंपनी ने बेचा ‘मां का दूध’ तो उसकी...

अगर भारत में किसी कंपनी ने बेचा ‘मां का दूध’ तो उसकी खैर नहीं, सरकार ने लगाया बैन

Published on

नई दिल्ली,

डेयरी लाइसेंस के नाम पर ‘मां का दूध’ बेचने के मामले में सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. दूध से बने उत्पादों के नाम पर इस तरह के किसी भी प्रोडक्ट की बिक्री करने वाली कंपनी का लाइसेंस रद्द करने साथ ही जरूरत पड़ने पर जरूरी कानूनी कार्रवाई करने के आदेश भी सरकार ने दे दिए हैं. सरकार ने साफ शब्दों में कहा है कि भारत में ‘मां के दूध’ को बेचने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

सरकार इस मामले में सख्त
सरकार ने Breast Milk की व्यावसायिक बिक्री के खिलाफ ये बड़ा कदम उठाया है. सरकार की ओर से कहा गया है कि एफएसएसएआई लाइसेंस (FSSAI license) के तहत दूध या डेयरी उत्पादों के नाम पर ब्रेस्ट मिल्क की बिक्री किए जाने से जुड़ी कोई भी रिपोर्ट मिलती है, तो ऐसे मामले में स्टॉक्स की जब्ती के साथ लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा. साथ ही अन्य सख्त कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी. FSS Act 2006 और उसके तहत बनाए गए नियमों/विनियमों के प्रावधानों के मुताबिक ऐसे एफबीओ के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

जुलाई महीने में हुई थी बड़ी कार्रवाई
गौरतलब है कि बीते जुलाई महीने में भारतीय खाद्य संरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने ऐसी ही एक कंपनी पर कार्रवाई करते हुए उसका लाइसेंस रद्द किया था. नियोलैक्टा लाइफसाइंसेज प्राइवेट लिमिटेड (NLPL) नाम की कंपनी भारत में Breast Milk बेचने का काम कर रही थी. कुछ एक्टिविस्टों ने बेंगलुरु की इस कंपनी पर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद FSSAI ने कार्रवाई करते हुए इसका लाइसेंस रद्द कर दिया था.

कंपनी ने किया था यह दावा
साल 2016 में स्थापित नियोलैक्टा को मूल रूप से डेयरी उत्पादों की श्रेणी में FSSAI के कर्नाटक कार्यालय से लाइसेंस मिला था. इस पर कार्रवाई करते हुए भारतीय खाद्य संरक्षा और मानक प्राधिकरण ने दो टूक कहा था कि भारत में मां के दूध को बेचने की अनुमति नहीं है. वहीं दूसरी ओर कंपनी के एमडी सौरभ अग्रवाल का कहना था कि डोनेट किए गए Breast Milk का उपयोग मुख्य रूप से समय से पहले या बीमार बच्चों के लिए किया जाता है.

नियोलैक्टा का स्टॉक भी किया था जब्त
इस कंपनी पर कार्रवाई के दौरान अधिकारियों को FSSAI द्वारा बैन सामग्री का स्टॉक भी मिला थी, जिसे जब्त कर लिया गया था. FSSAI कार्यालय की ओर से नियोलैक्टा कंपनी को अपने सभी उत्पादों को बाजार से तुरंत वापस लेने के लिए भी कहा गया था. अब एक बार फिर सरकार की ओर से साफ कर दिया गया है कि देश में Breast Milk के व्यावसायीकरण की अनुमति कतई नहीं दी जाएगी. पूर्व रिपोर्ट्स की मानें तो नियोलैक्टा कंपनी 300 मिलीलीटर फ्रोजन ब्रेस्ट मिल्क के लिए 4,500 रुपये चार्ज करती है.

Latest articles

महिला आरक्षण के समर्थन में कांग्रेस का पैदल मार्च: भोपाल में निकाली रैली, जीतू पटवारी बोले- विधानसभा में करेंगे महिला आरक्षण की मांग

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में महिला आरक्षण के मुद्दे पर सियासी संग्राम तेज...

भोपाल के अन्ना नगर गार्बेज स्टेशन में भीषण आग: 25 टन कचरा और रिसाइक्लिंग सामग्री खाक

भोपाल। राजधानी के अन्ना नगर स्थित गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन में शनिवार देर रात लगी...

ट्रैफिक नियमों की अनदेखी पर भोपाल पुलिस सख्त: अप्रैल माह में वसूला 11 लाख से अधिक का जुर्माना

भोपाल। राजधानी की सड़कों पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के...

भोपाल में भीषण गर्मी का कहर: नर्सरी से 8वीं तक के स्कूलों में 30 अप्रैल तक छुट्टी

भोपाल। राजधानी भोपाल में सूर्यदेव के तल्ख तेवरों और लगातार बढ़ रहे तापमान ने...

More like this

समय पर खर्च करें केंद्रीय निधि, ताकि विकास की गति बनी रहे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के विकास में केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं...

मप्र में टैक्स फ्री हुई फिल्म ‘शतक’ — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले— राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भर भारत का देती है संदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी फिल्म ‘शतक’ को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ की दूसरी बैठक — 84,282 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई...

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ कार्यक्रम की दूसरी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित...