नई दिल्ली
देश का विदेशी मुद्रा भंडार 15 महीने के हाई पर पहुंच गया है। 14 जुलाई को समाप्त सप्ताह में यह 12.74 अरब डॉलर बढ़कर 609.02 अरब डॉलर हो गया। आरबीआई आरबीआई ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इससे पिछले सप्ताह देश का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 1.23 अरब डॉलर बढ़कर 596.28 अरब डॉलर रहा था। देश का विदेशी मुद्रा भंडार अक्टूबर, 2021 में 645 अरब डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया था। लेकिन वैश्विक घटनाओं के कारण पैदा हुए दबावों के बीच रुपये को संभालने के लिए मुद्रा भंडार का उपयोग करने से इसमें गिरावट आई। इस बीच पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार भी डबल हो गया है।
रिजर्व बैंक के साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार, 14 जुलाई को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा फॉरेन करेंसी एसेट्स 11.19 अरब डॉलर बढ़कर 540.17 अरब डॉलर हो गईं। डॉलर में एक्सप्रेस की जाने वाली फॉरेन करेंसी एसेट्स में यूरो, पौंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं में आई घट-बढ़ के प्रभावों को भी शामिल किया जाता है। रिजर्व बैंक के अनुसार स्वर्ण भंडार का मूल्य 1.14 अरब डॉलर बढ़कर 45.19 अरब डॉलर हो गया। आंकड़ों के अनुसार, एसडीआर 25 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.48 अरब डॉलर हो गया। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के पास रखा देश का मुद्रा भंडार 15.8 करोड़ डॉलर बढ़कर 5.17 अरब डॉलर हो गया।
पाकिस्तान का डबल
इस बीच पड़ोसी देश पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार भी 14 जुलाई को खत्म हफ्ते में करीब दोगुना होकर 8.73 अरब डॉलर पहुंच गया। आईएमएफ, सऊदी अरब और यूएई से मिली मदद के दम पर पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार में उछाल आई है। यह पिछले साल अक्टूबर के बाद सबसे ज्यादा है। तब पाकिस्तान के सेंट्रल बैंक के पास 8.76 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार था। पाकिस्तान को पिछले हफ्ते करीब 4.2 अरब डॉलर की मदद मिली। पिछले एक साल में पाकिस्तान ने एक्सपोर्ट में 13 परसेंट और एफडीआई में 25 परसेंट गिरावट आई है। पाकिस्तान के पुराने दोस्त चीन ने उसे 60 करोड़ डॉलर का कमर्शियल लोन दिया है।
