हमारे देश या विदेशों में भी ज्यादातर ऑफिस में आठ या नौ घंटे काम के साथ एक या दो दिन के वीक ऑफ पैटर्न को फॉलो किया जाता है। कंपनी का भी यह मानना होता है कि ऐसा करने से उनके कर्मचारी स्वस्थ रहेंगे और संस्थान का भी इससे अच्छा विकास होगा। लेकिन दक्ष गुप्ता नाम के एक इंडो-अमेरिकन सीईओ ने ऑफिस में कार्य शैली को लेकर ऐसा पोस्ट सोशल मीडिया पर शेयर किया है जो हैरानी भरा है।
दक्ष गुप्ता ने लंबे समय तक काम और खराब वर्क-लाइफ बैलेंस की बात की है। लेकिन इस पर बातकर उन्होंने अपनी चिंता नहीं जाहिर की है बल्कि उसने इसका बचाव किया है। दक्ष गुप्ता ने लंबे समय तक कर्मचारियों के दिन में 14 घंटे तक काम करने के आइडिया को सराहा है। उन्होंने इसके ऊपर बकायदा एक लंबा-चौड़ा पोस्ट लिखा है।
‘नो वर्कलाइफ बैलेंस’
दक्ष ने लिखा है- ‘हाल ही में मैंने कैंडिडेट्स को इंटरव्यू की शुरुआत में ही यह कहना शुरू कर दिया है कि ग्रेपटाइल कोई वर्कलाइफ बैलेंस ऑफर नहीं करता है। टिपिकल दिन की शुरुआत 9 बजे से होती है जो रात के 11 बजे तक चलती है। हम शनिवार और कई बार तो रविवार को भी काम करते हैं। मैं इस बात पर जोर देता हूं कि माहौल तनावपूर्ण है और खराब काम को लेकर कोई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’
‘यह कैसा तरीका’
आगे उन्होंने लिखा है- ‘पहले मुझे लगा कि मैं ऐसा करके गलती कर रहा हूं लेकिन मैं समझ गया पारदर्शिता रखना बहुत जरूरी है। मैं चाहता हूं कि पहले दिन पता चलने की जगह वो शुरू से इस कार्यपद्धति को जानें। मैं यह जानने के लिए उत्सुक हूं कि क्या कोई और भी है जो ऐसा करता है या क्या इसमें कोई नुकसान है जो मैं नहीं समझ पा रहा हूं।’
वायरल हुआ पोस्ट
दक्ष गुप्ता का यह पोस्ट इस कदर वायरल हो रहा है कि इसे 1.6 मिलियन व्यूज मिल चुके हैं। हजारों यूजर्स ने इस पोस्ट पर कमेंट किया है और अपनी नाराजगी जाहिर भी की है। ज्यादातर यूजर्स इसे गलत बता रहे हैं। एक यूजर ने तो लिखा है- आप ईमानदारी से पहले सबकुछ बता देते हैं ये सही है लेकिन समस्या आपके कंपनी चलाने के तरीके से है। बहरहाल, आप इस पोस्ट को पढ़ने के बाद क्या कहना चाहेंगे? अपनी राय जरूर कमेंट करें।
