नई दिल्ली
आईटी शेयरों में सोमवार को लगातार दूसरे दिन तेजी रही। शुक्रवार को इन शेयरों ने तीन साल की सबसे बड़ी छलांग लगाई थी और आज भी इस मोमेंटम को जारी रखा। ये सब तब हुआ जबकि टीसीएस (TCS), एचसीएल टेक (HCL Tech) और विप्रो (Wipro) के जून तिमाही के नतीजों में ज्यादा कुछ नहीं था। तो फिर आईटी शेयरों में तेजी की क्या वजह है? पिछले एक हफ्ते में टेक महिंद्रा का शेयर 10 परसेंट जबकि इन्फोसिस, विप्रो और टीसीएस के शेयरों में आठ से नौ फीसदी तक तेजी आई है। यहां तक कि एचसीएल का शेयर भी चार फीसदी उछला है जबकि निफ्टी आईटी इंडेक्स में आठ फीसदी से अधिक तेजी आई है।
हाल के महीनों में एफआईआई ने आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली की है। लेकिन माना जा रहा है कि घरेलू म्यूचुअल फंड्स ने जमकर इन शेयरों को खरीदा है और इसी वजह से इन शेयरों में तेजी आई है। WealthMills Securities के क्रांति बाथिनी ने कहा कि अमेरिका और यूरोप में बैंकिंग संकट का आईटी कंपनियों के बीएफएसआई सेगमेंट पर कोई असर नहीं हुआ है। उनका मार्जिन हाई बना हुआ है। उनकी ऑर्डर बुक स्ट्रॉन्ग बनी हुई है। मंदी की आशंकाओं के बावजूद अमेरिका की इकॉनमी मजबूत बनी हुई है। कमाई के मोर्चे पर कंपनियों के लिए कोई निगेटिव न्यूज नहीं है। इसलिए आईटी शेयरों में तेजी दिख रही है।
क्या कहते हैं एनालिस्ट्स
देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस के पास 10.2 अरब डॉलर का स्ट्रॉन्ग ऑर्डर है। इसी तरह विप्रो की टोटल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू 1.2 अरब डॉलर है। हाल में डॉलर कमजोर हुआ है जिससे भारतीय आईटी कंपनियों को फायदा होगा। हालांकि एनालिस्ट्स का कहना है कि इंटरेस्ट रेट में तेजी और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं पॉजिटिव आउटलुक में दिक्कत हो सकती है। जेफरीज के अक्षत अग्रवाल ने कहा कि एचसीएल टेक की पहली तिमाही की परफॉरमेंस से साफ है कि आईटी कंपनियां सरप्राइज दे सकती हैं।
