नई दिल्ली
इंफोसिस फाउंडेशन की पूर्व चेयरपर्सन सुधा मूर्ति को राज्यसभा सदस्य मनोनीत किया गया है। यह घोषणा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर हुई। इसके लिए सुधा मूर्ति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया। सुधा मूर्ति को साल 2006 में पद्म श्री और इस साल जनवरी में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। मूर्ति दंपती की बेटी अक्षता की शादी ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के साथ हुई है। इकनॉमिक टाइम्स से खास बातचीत में सुधा मूर्ति ने बताया है कि कैसे उन्हें यह खबर दी गई। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें कॉल की थी। यह खबर पाकर वह हैरत से भर गई थीं।
थाईलैंड से ईटी से बात करते हुए सुधा मूर्ति ने कहा, ‘मैंने कभी इसकी उम्मीद नहीं की थी। यह मेरे लिए बहुत बड़ा आश्चर्य था। प्रधानमंत्री ने कल रात मुझे फोन किया और खबर दी। यह एक बड़ी जिम्मेदारी है। मैं इसके लिए पीएम की आभारी हूं। यह मेरे देश और लोगों की सेवा करने का अवसर है। मैं उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करूंगी।’मूर्ति कन्नड़ संघ के निमंत्रण पर एशियाई प्रौद्योगिकी संस्थान में व्याख्यान देने के लिए थाईलैंड में हैं।
73 साल की सुधा मूर्ति ने बाद में एक बयान में कहा कि वह देश और उसके लोगों की सेवा करने का अवसर मिलने के लिए आभारी हैं। दोनों ने उन्हें जीवन के बारे में बहुत कुछ सिखाया है। उनके परिवार और उन्हें उससे कहीं अधिक दिया है जितना वे सोच सकते थे।
पीएम मोदी ने की तारीफ
इससे पहले दिन में पीएम ने एक्स पर पोस्ट किया कि उन्हें खुशी है कि राष्ट्रपति ने सुधा मूर्ति को राज्यसभा के लिए नामित किया है। सामाजिक कार्य, परोपकार और शिक्षा सहित विविध क्षेत्रों में सुधा जी का योगदान बहुत बड़ा और प्रेरणादायक रहा है। राज्यसभा में उनकी उपस्थिति हमारी ‘नारी शक्ति’ का एक शक्तिशाली प्रमाण है, जो हमारे देश की नियति को आकार देने में महिलाओं की ताकत और क्षमता का उदाहरण है। उनके सफल संसदीय कार्यकाल की कामना करता हूं।’ इन्फोसिस के पूर्व निदेशक मोहनदास पई ने उन्हें महान भारतीय बताया।
ऐसा रहा है सुधा मूर्ति का सफर
मूर्ति अपने माता-पिता और तीन भाई-बहनों के साथ पली-बढ़ीं। उन्होंने 1972 में बी.वी.बी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, हुबली से इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में इंजीनियरिंग की। 1974 में आईआईएससी, बैंगलुरु से कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री हासिल की। वह TELCO (अब टाटा मोटर्स) में नियुक्त होने वाली पहली महिला इंजीनियर थीं। वहां उन्होंने आठ साल तक काम किया। 1981 में अपने पति एनआर नारायण मूर्ति के साथ इंफोसिस के जन्म में योगदान देने की उनकी कहानी जगजाहिर है। सुधा मूर्ति के पास इंफोसिस में 0.83 फीसदी हिस्सेदारी है। इसका मूल्य मौजूदा कीमतों के आधार पर करीब 5,600 करोड़ रुपये है।
