12.4 C
London
Thursday, April 2, 2026
HomeUncategorizedललित मोदी को समझा देना… जस्टिस की सिंघवी को वार्निंग, वकील बोले-...

ललित मोदी को समझा देना… जस्टिस की सिंघवी को वार्निंग, वकील बोले- वो भारत में होते तो खुद जाकर बताता, फिर पढ़ा माफीनामा

Published on

नई दिल्ली

पारिवारिक विवाद में न्यायपालिका और सीनियर एडवोकेट पर आरोप जड़ने के मामले में आईपीएल के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी को सुप्रीम कोर्ट ने तीखी फटकार लगाई है। उनका माफीनामा लेकर अदालत में पहुंचे सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी जस्टिस एमआर शाह ने सीधी चेतावनी दी। जस्टिस का कहना था कि ललित मोदी को बता देना कि फिर से ऐसा करने की कोशिश भी न करे।

सिंघवी ने विनम्रता से कहा- माई लार्ड अगर ललित भारत में होते तो मैं खुद जाकर उनसे दोबारा ऐसी हरकत न करने को कहता। लेकिन वो तो देश में है ही नहीं। फिर भी मैं आपका संदेश जरूर पहुंचा दूंगा। अपनी बात कहने के बाद सिंघवी ने वो माफीनामा अदालत में पढ़ा जो ललित मोदी ने विदेश से अवमानना के केस में भेजा था।

ललित मोदी के खिलाफ बंद हुआ अवमानना केस, सुप्रीम कोर्ट बोला- दिल से मांगी माफी स्वीकार
जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस सीटी रवि कुमार की बेंच से सिंघवी ने दरखास्त की कि ललित मोदी ने दिल से माफी मांगी है। लिहाजा कोर्ट उन्हें अब जाने दे। अवमानना के केस से उन्हें बरी करे। बेंच की टिप्पणी थी कि हम माफ करने में यकीन रखते हैं। ललित मोदी ने दिल से माफी मांगी है तो हम भी बड़े दिल के साथ इसे स्वीकार करते हैं। इसके साथ ही अदालत ने ललित मोदी के खिलाफ अवमानना के केस को बंद करने का ऐलान किया।

न्यायपालिका पर सवाल उठाने के साथ पूर्व अटार्नी जनरल पर जड़े थे तीखे आरोप
मामले के मुताबिक ललित मोदी ने पारिवारिक विवाद के मामले में न्यायपालिका पर तीखे आरोप लगाए थे। उन्होंने ट्विटर के जरिये अपनी मां बीना मोदी की तरफ से पैरवी करने वाले भारत के अटार्नी जनरल पर भी तीखे आरोप जड़े थे। उनकी पोस्ट का संज्ञान ले अदालत ने अवमानना का केस चलाया।

जस्टिस की सिंघवी को चेतावनी, ललित मोदी को बोल देना- फिर न करें ऐसी हरकत
सुप्रीम कोर्ट का गुस्सा देखकर ललित मोदी के तेवर ढीले पड़ गए। उन्होंने अखबारों में विज्ञापन के जरिये माफी मांगी और फिर सुप्रीम कोर्ट के सामने माफी नामा भेजा। जस्टिस एमआर शाह ने सिंघवी को चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसी हरकत भविष्य में नहीं होनी चाहिए। सिंघवी ने उन्हें आश्वस्त किया कि ऐसा बिलकुल नहीं होगा। दूसरे पक्ष की तरफ से पेश सीनियर एडवोकेट रंजीत कुमार ने कहा कि अखबारों में जो विज्ञापन दिया गया है उसमें भविष्य में ललित मोदी फिर से ऐसी हरकत नहीं करेंगे, ये बात नहीं कही गई है।

जस्टिस शाह का कहना था कि हलफनामे में इस बात का जिक्र है। हमारे लिए जो कुछ हलफनामे में लिखा है वो महत्वपूर्ण है। बेंच ने कहा कि ललित मोदी ने ट्विटर के साथ अखबारों में भी माफी मांगी है। ट्विटर से भी वो पोस्ट हटा ली गई हैं जिनमें न्यायपालिका के बारे में आपत्तिजनकर टिप्पणी की गई थीं। बेंच का कहना था कि अब मामला खत्म हो गया है।

 

Latest articles

विद्यालय विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों के विकास के केंद्र : मुख्यमंत्री शर्मा

जयपुर। भजनलाल शर्मा ने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा देने का माध्यम नहीं, बल्कि...

रायगढ़ दौरे पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, जगन्नाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना

रायगढ़। विष्णुदेव साय एक दिवसीय दौरे पर रायगढ़ पहुंचे, जहां उन्होंने राजपारा स्थित जगन्नाथ...

पत्रकार सुरक्षा कानून पर शासन स्तर पर होगी चर्चा, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने दिया भरोसा

खरगोन। मप्र विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने पत्रकारों की सुरक्षा और उनके हितों...

More like this

समय पर खर्च करें केंद्रीय निधि, ताकि विकास की गति बनी रहे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के विकास में केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं...

मप्र में टैक्स फ्री हुई फिल्म ‘शतक’ — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले— राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भर भारत का देती है संदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी फिल्म ‘शतक’ को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ की दूसरी बैठक — 84,282 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई...

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ कार्यक्रम की दूसरी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित...