नई दिल्ली
बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि फूड्स के निवेशकों के लिए अच्छी खबर नहीं हैं। स्टॉक एक्सचेंजेज ने कंपनी के प्रमोटर ग्रुप एंटिटीज के 29.258 करोड़ शेयरों को फ्रीज कर दिया है। कंपनी निर्धारित समय तक मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग के नियमों को पूरा करने में नाकाम रही। यही वजह है कि उसके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। दिसंबर अंत तक पतंजलि फूड्स में पब्लिक शेयरहोल्डिंग 19.18 फीसदी थी। सेबी (SEBI) के नियमों के मुताबिक किसी भी लिस्टेड कंपनी में कम से कम 25 फीसदी पब्लिक शेयरहोल्डिंग होनी चाहिए। पतंजलि फूड्स को पहले रुचि सोया इंडस्ट्रीज के नाम से जाना जाता था। दिसंबर 2017 में एनसीएलटी ने इसके खिलाफ इनसॉल्वेंसी प्रॉसीडिंग शुरू की थी। जुलाई 2019 में ट्रिब्यूनल ने पंतजलि आयुर्वेद के रिजॉल्यूशन प्लान को मंजूरी दी थी। रिजॉल्यूशन प्लान को लागू होने के बाद कंपनी में पब्लिक शेयरहोल्डिंग घटकर 1.1 फीसदी रह गई थी।
सेबी के नियमों के मुताबिक किसी कंपनी में पब्लिक शेयरहोल्डिंग 25 फीसदी से कम होती है तो उसे तीन साल के भीतर इसे बढ़ाकर इस स्तर तक पहुंचाना होगा। पतंजलि फूड्स मार्च 2022 में फॉलो ऑन पब्लिक ऑफर लाई थी। इसके जरिए 6.62 करोड़ शेयर जारी किए गए थे। इससे कंपनी में पब्लिक शेयरहोल्डिंग बढ़कर 19.18 फीसदी हो गई थी। लेकिन इसके बाद कंपनी ने इसे 25 फीसदी ले जाने के लिए कोई कदम नहीं उठाए हैं। कंपनी ने एक बयान में बताया कि 21 प्रमोटर एंटिटीज के शेयरों को फ्रीज किया गया है। पतंजलि आयुर्वेद की कंपनी में सबसे ज्यादा 39.4 फीसदी हिस्सेदारी है। जब तक कंपनी सेबी के नियमों को पूरा नहीं करती है तब तक ये शेयर फ्रीज रहेंगे। बुधवार को पतंजलि फूड्स का शेयर एनएसई पर 1.3 फीसदी की तेजी के साथ 964.40 रुपये पर बंद हुआ। इस साल इसमें अब तक 19 फीसदी गिरावट आई है।
