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Sunday, March 8, 2026
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पाकिस्तान के हाथ लगा सोने का भंडार, इस नदी में मिला भारी मात्रा में गोल्ड, भारत की ये नदी भी उगलती है Gold

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पाकिस्तान अपने सबसे खराब आर्थिक संकट का सामना कर रहा है, लोग बेरोजगारी से जूझ रहे हैं। तमाम मुश्किलों के बीच पाकिस्तान के लिए एक उम्मीद की किरण उभरी है जो उसकी सभी समस्याओं का समाधान कर सकती है। दरअसल जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ पाकिस्तान (GSP) को लगभग 32.6 मीट्रिक टन सोने का भंडार मिला।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विशाल सोने के भंडार की अनुमानित कीमत लगभग 600 अरब पाकिस्तानी रुपए है। आपको जानकर हैरानी होगी, कि सोना कहीं और नहीं बल्कि सिंधु नदी में मिला है। बता दें, सिंधु नदी का जिक्र प्राचीन भारतीय ग्रंथों में है, जिसे पवित्र नदियों में से एक माना जाता है। यह पाकिस्तान और भारत के उत्तरी क्षेत्रों से होकर बहती है। आइए विस्तार से जानते हैं इस नदी के बारे में।

सिंधु नदी में मिला भारी मात्रा में सोना!
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जीएसपी को सिंधु नदी में भारी मात्रा में सोने का भंडार मिला है, जो देश के उत्तरी पहाड़ी क्षेत्रों से तेजी से बहने वाले पानी द्वारा लाया गया है। बता दें, सिंधु नदी 3 देशों से होकर बहती है। जिसमें चीन, भारत और पाकिस्तान शामिल है। यह नदी लगभग 1,976 मील तक बहती है।

सबसे गहरी नदी है सिंधु नदी
रिपोर्ट्स के अनुसार, सर्दियों में सिंधु नदी का जल स्तर कम होने पर वहां के स्थानीय लोग सोने के कण इकट्ठा करते हैं। बता दें, सिंधु नदी एशिया की सबसे लंबी नदियों में से एक है। यही नहीं ये नदी सबसे गहरी भी है। सिंधु नदी लेह से होते हुए इस्लामाबाद और कराची शहर तक जाती हैं। इसकी कुल गहराई की करीब 200 मीटर तक गहरी है।

सिंधु नदी न होती, तो न बसता पाकिस्तान
सिंधु नदी पाकिस्तान की सबसे बड़ी नदी है, जो देश के पर्यावरण, अर्थव्यवस्था और संस्कृति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। दरअसल पाकिस्तान को ‘सिंधु की देन’ कहा जाता है, क्योंकि अगर सिंधु नदी न होती, तो पाकिस्तान देश में पत्थरों और रेगिस्तान ही मिलता और ये एक सूखा देश होता। लगभग 2500 वर्ष पूर्व सिंधु नदी को ईरानियों और यूनानियों द्वारा “हिंदो” कहा जाता था।

ये हैं सिंधु नदी की सहायक नदियां
लद्दाख में सिंधु नदी की बायीं ओर की सहायक नदी जंस्कार नदी है और मैदानी इलाकों में इसकी बाएं किनारे की सहायक नदी पंजनाद नदी है, जिसकी पांच प्रमुख सहायक नदियां हैं जिसमें चिनाब, झेलम, रावी, ब्यास और सतलुज नदियां मुख्य रूप से शामिल हैं। जैसा कि हम आपको बता चुके हैं, कि सिंधु नदी एशिया की सबसे लंबी नदियों में से एक है, ऐसे में इस नदी कि उपनदियां भी हैं। जिनके नाम हैं, वितस्ता, चंद्रभागा, इरावती, विपासा और शतद्रु नदी हैं।

भारत की इस नदी से निकलता है सोना
स्‍वर्ण रेखा नदी भारत के झारखंड में बहने वाली एक नदी है। यहां कई सदियों से स्थानीय आदिवासी स्‍वर्ण रेखा नदी नदी की रेत को छानते हैं और सोने के कण इकट्ठा करते हैं। बता दें, इस नदी की गिनती भारत की उन नदियों में की जाती है, जहां सबसे ज्यादा सोना निकलता है। झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा राज्यों से होकर बहती हुई ये नदी सदियों से सोना तराशने का स्थल बना हुआ है। नदी की रेत को स्थानीय समुदायों द्वारा पारंपरिक तरीकों का उपयोग करके छान लिया जाता है, जिससे सोने के चमकदार कण सामने आते हैं। यहां लोगों का खर्चा- पानी इसी काम को करने से चल रहा है।

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