इस्लामाबाद
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने पाकिस्तान से कर्ज के लिए विश्वसनीय आश्वासन प्रदान करने को कहा है। IMF के रेसिडेंट प्रतिनिधि एस्तेर पेरेज रुइज ने सोमवार को कहा कि पाकिस्तान को विश्वसनीय आश्वासन प्रदान करने के चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। रुइज ने कहा कि पिछले साल के अंत से रुकी हुई फंडिंग को मंजूरी देने से पहले बाहरी वित्तपोषण महत्वपूर्ण कार्यों में से एक है जिसे पाकिस्तान को पूरा करना पड़ेगा। पाकिस्तान को उम्मीद है कि वह IMF के साथ एक स्टाफ लेवल एग्रीमेंट कर लेगा।
1.1 अरब डॉलर का फंड जारी करने के लिए IMF ने पाकिस्तान के सामने कई शर्तें रखी थीं। पाकिस्तान ने लगभग ज्यादातर शर्तें मान ली हैं, लेकिन बाहरी वित्तपोषण की शर्त को वह अभी पूरा नहीं कर सका है। रुइज ने कहा कि, ‘सभी आईएमएफ कार्यक्रम की समीक्षा के लिए सदस्य देशों से दृढ़ और विश्वसनीय आश्वासन की आवश्यक्ता होती है। पाकिस्तान कोई अपवाद नहीं है।’ इसके उलट पाकिस्तान के वित्त मंत्री इशाक डार ने पिछले हफ्ते कहा था कि बाहरी वित्तपोषण का आश्वासन फंडिंग की मंजूरी से जुड़ी शर्तों में से एक नहीं था।
पाकिस्तान को चीन से मिला ऋण
इस बीच पाकिस्तान ने पुष्टि की है कि IMF से स्टाफ लेवल एग्रीमेंट के लिए वह सऊदी से 2 अरब डॉलर और विश्व बैंक और एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक से 950 मिलियन डॉलर का ऋण मांग रहा है। इस बारे में जब IMF से बातचीत करने वाले एक अधिकारी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह आशान्वित हैं। पाकिस्तान को चीन से कुछ ऋण मिला है। आने वाले दिनों में चीन के कॉमर्शियल बैंक से और भी लोन मिलने की उम्मीद है।
पाकिस्तानी सेना के पास खाने की कमी
पाकिस्तान के बढ़ते हुए आर्थिक संकट का असर अब उसकी सेना पर दिखने लगा है। पाकिस्तान की सेना के पास अब खाने के लिए पैसे नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक वरिष्ठ कमांडर ने क्वाटर मास्टर जनरल ऑफिस को खाने की सप्लाई में कटौती करने को कहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तानी सरकार कर्मचारियों की सैलरी में कटौती भी चाहती है। पाकिस्तानी सैनिकों की सैलरी भी कम की जा सकती है।
