नई दिल्ली,
आज से शुरू हुए अक्टूबर महीने की शुरुआत के साथ ही देश में कई बदलाव भी लागू हो गए हैं. इनमें से कुछ राहत भरे, तो वहीं कुछ झटका देने वाले हैं. महीने की शुरुआत से पहले जहां भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 2,000 रुपये के नोटों को बदलने के लिए और समय देते हुए राहत दी है, तो वहीं पहली तारीख से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 19 किलो के कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में तगड़ा इजाफा कर बोझ बढ़ाने का काम किया है. ऐसे ही पांच बड़े बदलावों पर नजर डालते हैं…
LPG सिलेंडर 209 रुपये महंगा
पहला बदलाव झटका देने वाला है. IOCL की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, 1 अक्टूबर 2023 से 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा कर दिया गया है. इसकी कीमत में सीधे तौर पर 209 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. इस इजाफे के बाद राजधानी दिल्ली में कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत अब 1,731.50 रुपये हो गई है, जो इससे पहले सितंबर में 1,522 रुपये में मिल रहा था. अन्य महानगरों की बात करें तो, कोलकाता में 19 किलोग्राम वाला LPG Cylinder 1636 रुपये का नहीं बल्कि अब 1839.50 रुपये का मिलेगा. मुंबई में इसकी कीमत 1482 रुपये से बढ़कर 1684 रुपये, जबकि चेन्नई में ये 1898 रुपये में मिलेगा.
बर्थ सर्टिफिकेट बना सिंगल डॉक्यूमेंट
आज यानी 1 अक्टूबर 2023 से देश में जो दूसरा सबसे बड़ा बदलाव हुआ है, वो ये है कि देशभर में अब बर्थ सर्टिफिकेट सिंगल डॉक्युमेंट बन गया है. इसका मतलब ये है कि ज्यादातर जगहों पर अन्य किसी डॉक्युमेंट की जगह आप महज बर्थ सर्टिफिकेट का इस्तेमाल कर सकते हैं और ये बिल्कुल उसी तरह से मान्य होगा, जैसे की आधार कार्ड होता है. दरअसल, बर्थ एंड डेथ रजिस्ट्रेशन (अमेंडमेंट) एक्ट, 2023 अक्टूबर की पहली तारीख के साथ लागू हो गया है. अब बर्थ सर्टिफिकेट किसी भी एजुकेशन इंस्टीट्यूशन में एडमिशन लेने के लिए, नया ड्राइविंग लाइसेंस इश्यू करने, वोटर लिस्ट, आधार नंबर, मैरिज रजिस्ट्रेशन या सरकारी नौकरी में नियुक्ति की तैयारी के लिए सिंगल डॉक्युमेंट के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा.
TCS के नए नियम लागू
अक्टूबर महीने की पहली तारीख से टीसीएस (TCS) का नया नियम लागू हो गया है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की लिबराइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत विदेश में मेडिकल और एजुकेशन के अलावा अन्य उद्देश्यों के लिए 7 लाख रुपये से अधिक खर्च पर 20 फीसदी का टीसीएस (20%TCS) लगेगा. अगर आप एक फाइनेंशियल ईयर में 7 लाख रुपये या इससे कम का ट्रांजैक्शन करते हैं, तो ये नियम लागू नहीं होगा. ये नए नियम विदेश यात्रा पर होने वाले खर्च यानी लेन-देन पर असर डालने वाले साबित होंगे. फॉरेन स्टॉक, म्यूचुअल फंड, विदेश में क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने या हायर एजुकेशन के लिए विदेश जाने वालों पर इसका असर पड़ेगा.
2000 रुपये के नोट बदलवाने की डेडलाइन बढ़ी
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 2,000 रुपये के नोट बदलवाने और जमा कराने की डेडलाइन को आगे बढ़ा दिया है. केंद्रीय बैंक ने सितंबर महीने के आखिरी दिन यानी शनिवार एक सर्कुलर जारी करते हुए इसकी डेडलाइन 7 अक्टूबर तय कर दी है. इससे पहले ये लास्ट डेट 30 सितंबर 2023 थी. आरबीआई ने बताया कि 19 मई को चलन से बाहर किए गए इन गुलाबी नोटों की 31 मार्च तक मार्केट में मौजूदगी कुल 3.56 लाख करोड़ रुपये थी. लेकिन 29 सितंबर तक 96 फीसदी 2,000 रुपये के नोट बैंकों और आरबीआई के 19 क्षेत्रीय कार्यालयों के जरिए वापस आ चुके थे. सर्कुलेशन से बाहर किए जाने के बाद वापस आए इन नोटों का कुल मूल्य 3.42 लाख करोड़ रुपये है. वहीं 0.14 लाख करोड़ रुपये अभी भी मार्केट में मौजूद हैं, जिन्हें अब 7 अक्टूबर तक जमा या बदलवाया जा सकता है.
स्मॉल सेविंग स्कीम्स पर बढ़ी ब्याज दर
अक्टूबर की शुरुआत के साथ से होने वाला पांचवा बड़ा बदलवा आपके सेविंग्स से जुड़ा हुआ है. दरअसल, स्मॉल सेविंग सकीम्स में शामिल 5 साल की रेकरिंग डिपॉजिट पर ब्याज दर में 0.2 फीसदी की बढ़ोतरी लागू हो गई है. Recurring Deposit (RD) पर ब्याज दर को 6.5 फीसदी से बढ़ाकर 6.7 फीसदी कर दिया गया है. बीते 29 सितंबर को सरकार ने इसपर मिलने वाली ब्याज दर में बढ़ोतरी का फैसला किया था. एक साल के लिए टाइम डिपॉजिट पर 6.9 फीसदी, दो साल के लिए टाइम डिपॉजिट पर 7 फीसदी, 3 साल की टाइम डिपॉजिट पर 7 फीसदी और 5 साल के टीडी पर 7.5 फीसदी ब्याज मिलता रहेगा.
