नई दिल्ली
फ्रांसीसी सीमेंट कंपनी लाफार्ज ने सीरिया में एक प्लांट को खुला रखने के लिए आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट समूह को 1.7 करोड़ डॉलर दिए थे। इस मामले में अमेरिका की एक अदालत में कंपनी पर आरोप तय कर दिया है। इसके साथ ही करीब 800 मिलियन डॉलर का जुर्माना भी लगाया गया है। इसे अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा अपनी तरह का पहला मामला बताया गया है।
बिचौलियो पर भी खर्च किए पैसे: न्यूज एजेंसी एएफपी ने लाफार्ज के हवाले से बताया है कि कंपनी ने अपने दोष को स्वीकार कर लिया है। सीमेंट कंपनी ने यह भी स्वीकार किया है कि उसने 2013 और 2014 में अपने सीरियाई सीमेंट कारखाने को चालू रखने के लिए बिचौलियों को 12.8 मिलियन डॉलर का भुगतान किया। हालांकि दूसरी कंपनियों ने देश से अपना कारोबार समेटना बेहतर समझा।
क्या कहना है कंपनी का: लाफार्ज ने माना है कि व्यवहार आचार संहिता का खुले तौर पर उल्लंघन था। कंपनी ने कहा कि हमें गहरा खेद है कि यह आचरण हुआ। 2015 में लाफार्ज का अधिग्रहण करने वाले स्विस समूह होल्सिम ग्रुप ने कहा कि उसे केवल 2016 में आरोपों के बारे में पता चला और उसने अपनी जांच शुरू की और अमेरिकी न्याय अधिकारियों के साथ सहयोग किया। ग्रुप ने कहा कि किसी भी आचरण में होल्सिम शामिल नहीं है।
