25.3 C
London
Saturday, June 20, 2026
HomeUncategorizedचिंता की कोई बात नहीं, इस वजह से घटी है भारत की...

चिंता की कोई बात नहीं, इस वजह से घटी है भारत की हाउस होल्ड सेविंग, वित्त मंत्रालय ने बताया

Published on

नई दिल्ली

पिछले दिनों ही रिजर्व बैंक ने हाउसहोल्ड एसेट और लायबिलिटीज पर एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें कहा गया है कि भारत में नेट हाउसहोल्ड सेविंग की रेट गिर रही है। साल 2022-23 के दौरान नेट हाउसहोल्ड सेविंग गिर कर 5.1 फीसदी रह गई है। जीडीपी के हिसाब से देखें तो इस साल भारत की शुद्ध बचत गिर कर 13.77 लाख करोड़ रुपये रह गई है। यह बीते 50 साल का न्यूनतम स्तर है। इससे एक साल पहले ही यह 7.2 फीसदी थी। इससे यही कयास लगाए जा रहे हैं कि भारतीयों की आमदनी में भारी कमी आई है। इन आंकड़ों पर केंद्रीय गृह मंत्रालय की प्रतिक्रिया आई है। मंत्रालय का कहना है कि बचत में कमी का कारण कुछ और है।

अर्थव्यवस्था में कोई परेशानी नहीं
वित्त मंत्रालय का कहना है कि विभिन्न वित्तीय उत्पादों के लिए उपभोक्ता की बदलती प्राथमिकता घरेलू बचत में कमी का वास्तविक कारण है। यह किसी परेशानी का द्योतक नहीं है, जैसा कि कुछ मीडिया में प्रसारित किया जा रहा है। दरअसल, जून 2020 और मार्च 2023 के बीच, घरेलू सकल वित्तीय परिसंपत्तियों के स्टॉक में 37.6 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई और घरेलू सकल वित्तीय देनदारियों के स्टॉक में 42.6 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई- इसलिए इन दोनों के बीच कोई बड़ा अंतर नहीं है। भारतीय परिवारों ने वित्त वर्ष 2021 में 22.8 लाख करोड़ रुपए, वर्ष 2022 में लगभग 17.0 लाख करोड़ रुपए और वर्ष 2023 में 13.8 लाख करोड़ रुपए की शुद्ध वित्तीय परिसंपत्ति जोड़ी। इसलिए, उन्होंने पिछले वर्ष और उससे पहले वर्ष की तुलना में अपने पोर्टफोलियो में कम वित्तीय संपत्तियां जोड़ीं, लेकिन यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि उनकी कुल शुद्ध वित्तीय संपत्ति अभी भी बढ़ रही है।

लोग लोन ले रहे हैं ज्यादा
मंत्रालय का कहना है कि भारतीयों ने पिछले वर्षों की तुलना में कम मात्रा में वित्तीय परिसंपत्तियों की बचत की क्योंकि उन्होंने अब मकान जैसे रियल एस्टेट को खरीदने के लिए ऋण लेना शुरू कर दिया है। पर्सनल लोन पर आरबीआई डेटा हमें इसके साक्ष्य प्रदान करता है। बैंकों द्वारा दिए गए पर्सनल लोन में कई घटक होते हैं। उनमें से रियल एस्टेट लोन और कार लोन प्रमुख हैं। ये दोनों लोन बैंकिंग क्षेत्र के कुल रिटेल लोन का 62 प्रतिशत हिस्सा हैं। अन्य बड़ी श्रेणियों में ‘अन्य व्यक्तिगत ऋण’ और ‘क्रेडिट कार्ड ऋण शामिल हैं।

तेजी से बढ़ रहे हैं होम और कार लोन
आंकड़ों को देखें तो पता चलता है कि मई 2021 से होम लोन में लगातार दो अंकों की वृद्धि हुई है। इसलिए, रियल एस्टेट खरीदने के लिए फाइनेंसियल लायबिलिटीज का सृजन किया गया है। अप्रैल 2022 से कार लोन भी दोहरे अंक (Y/Y) में बढ़ रहे हैं और सितंबर 2022 से इसमें 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हो रही है। इसलिए घरेलू क्षेत्र में स्पष्ट रूप से कोई समस्या नहीं है। लोग मकान और कार को खरीद रहे हैं लोन लेकर और बदले में उसी को बंधक रख रहे हैं।

Latest articles

अब्बास नगर में बरसते पानी में हटा अतिक्रमण, दुकानों के शेड तोड़े

भोपाल। राजधानी के अब्बास नगर क्षेत्र में शनिवार को प्रशासन और नगर निगम के...

ईएसआई अस्पताल सोनागिरी में स्वास्थ्य सुविधाओं के उन्नयन की मांग को लेकर प्रदर्शन

भोपाल। कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) अस्पताल सोनागिरी (भेल) में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति...

टीनू यादव के आभूषण चोरी की सबसे बड़ी गवाही- ‘चांदी गला दी गई है उसे भूल जाओ’

नई दिल्ली। राम मंदिर में भक्तों की आस्था से खिलवाड़ के बाद मैराथन जांच...

मानसून की बाट जोग रहा मध्य प्रदेश, 45 जिले सूखे, 38 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

भोपाल। मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की एंट्री अब तक नहीं हो सकी है,...

More like this

भोपाल के रंगमंच से बॉलीवुड तक: उदय अठरौलिया की दो नई फिल्मों में दिखेंगे अभिनय के अलग रंग

भोपाल। राजधानी के रंगमंच से अपने अभिनय सफर की शुरुआत करने वाले अभिनेता उदय...

“पति को जल्द गिरफ्तार करें, नहीं तो वह मुझे मार डालेगा”: घरेलू हिंसा की शिकार महिला ने लगाई गुहार

भोपाल। भोपाल के भीमनगर क्षेत्र की रहने वाली गीता पटेल ने अपने पति पर...

10 लेन अयोध्या बायपास परियोजना का मंत्री विश्वास सारंग ने किया निरीक्षण

करोंद में बार-बार पाइपलाइन टूटने पर ठेकेदार को फटकार, वसूला जाएगा मुआवजा भोपाल। प्रदेश के...